आगरा में यमुना का प्रकोप: चार तहसीलों के 40 गांवों में घुसा पानी, सैकड़ों परिवारों पर संकट

आगरा। आगरा में यमुना नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। जलस्तर खतरे के निशान से लगभग तीन फीट ऊपर पहुंचने के बाद जिले की चार तहसीलों के करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई जगह फसलें जलमग्न हो गईं हैं और शहरी क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर नदी में नाव संचालन और आवाजाही पर रोक लगा दी है।

Sep 4, 2025 - 22:46
 0
आगरा में यमुना का प्रकोप: चार तहसीलों के 40 गांवों में घुसा पानी, सैकड़ों परिवारों पर संकट
आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में भरे पानी की कुछ तस्वीरें।

आगरा में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे की रेखा को पार कर चुका है। गुरुवार शाम को नदी का जलस्तर 498 फीट से अधिक दर्ज किया गया। चार तहसीलों के लगभग 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। पोइया और मनोहरपुर में नदी किनारे टूटकर पानी सड़कों तक पहुंच गया है। घाटों पर चढ़ा पानी अब शहर की सड़कों पर उतर आया है।

शहर में नाले बैक मारने लगे हैं। दयालबाग, बल्केश्वर और टेढ़ी बगिया जैसे निचले इलाकों में पानी भरने से लगभग 500 परिवार प्रभावित हैं। इनमें से 50 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित कर दिया गया है।

प्रशासन ने नदी किनारे जाने और नाव संचालन पर रोक लगा दी है। गांवों के खेत पूरी तरह से डूब गए हैं, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई झोपड़ियां भी पानी में समा चुकी हैं।

पोइया घाट स्थित शमशान घाट में पानी भर गया है और केवल एक चितास्थल को छोड़कर बाकी सभी डूब गए हैं। बल्केश्वर घाट का काली भैरा मंदिर जलमग्न हो चुका है। ताजगंज का मोक्षधाम पूरी तरह डूब चुका है। ताजमहल के पास चंद्रशेखर पार्क में पानी भर गया है। दशहरा घाट की सीढ़ियां और प्लेटफार्म भी पानी में डूब गए हैं। यमुना का पानी ताजमहल की बाउंड्री तक पहुंच चुका है, जिससे प्रशासन और जनता की चिंता बढ़ गई है।

SP_Singh AURGURU Editor