राशन वितरण को तकनीक से जोड़ने जा रही योगी सरकार, 179.42 करोड़ मंजूर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गरीबों की थाली तक अन्न पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने 179.42 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत की है। यह राशि उठाई, धराई, परिवहन और उचित दर दुकानों तक राशन की आपूर्ति जैसे हर स्तर की प्रक्रियाओं को सुचारु और पारदर्शी बनाने में खर्च होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि राज्य का कोई भी पात्र गरीब राशन से वंचित न रह जाए। यही वजह है कि अब तक प्रदेश में 3.16 करोड़ से ज्यादा परिवारों के पात्र गृहस्थी कार्ड और 40.73 लाख अंत्योदय कार्ड जारी किए जा चुके हैं। सरकार तकनीक के सहारे पूरी खाद्य आपूर्ति प्रणाली को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
तकनीक से बदली तस्वीर
योगी सरकार ने ई-केवाईसी और आधार सत्यापन जैसे तकनीकी उपायों को अपनाकर राशन वितरण को पारदर्शिता की नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। अब राशन कार्डधारक किसी भी उचित दर दुकान पर ई-केवाईसी करा सकते हैं और ई-पॉस मशीनों के जरिए उनका राशन सीधे वितरित किया जा रहा है। इससे डुप्लीकेसी और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगी है।
हर जरूरतमंद के लिए राशन की गारंटी
-पात्र गृहस्थी कार्डधारक को प्रति यूनिट 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल (कुल 5 किलो) निशुल्क।
-अंत्योदय कार्डधारक को एकमुश्त 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल (कुल 35 किलो) निशुल्क।
-लगभग 15 करोड़ लोग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार की योजना है कि इस पूरे वितरण तंत्र की निगरानी खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त द्वारा की जाएगी। योगी सरकार का निर्देश है कि हर तिमाही जरूरत के मुताबिक बजट का आकलन कर खर्च किया जाए और पूर्व स्वीकृतियों से दोहराव न हो।
गरीबों के लिए संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल ‘कोई भूखा न सोए’ को साकार करते हुए सरकार ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत आधार बनाया है। सरकार की यह नीति और तकनीकी बदलाव आज प्रदेश के गरीबों की जिंदगी में सच्चा बदलाव ला रहे हैं। चाहे ग्रामीण हो या शहरी, हर क्षेत्र में राशन अब समय पर, सही मात्रा में और सही व्यक्ति को मिल रहा है।