ललित कला संस्थान में युवा कलाकारों ने संजोये विकसित भारत के रंग
आगरा। रंगों की छटा, कल्पनाओं की उड़ान और ब्रश की थापों से संजोया गया एक अद्भुत दृश्य—सेवा पर्व के अवसर पर गुरुवार को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा स्थित ललित कला संस्थान (संस्कृति भवन, सिविल लाइंस) में एकदिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ।
आगरा। रंगों की छटा, कल्पनाओं की उड़ान और ब्रश की थापों से संजोया गया एक अद्भुत दृश्य—सेवा पर्व के अवसर पर गुरुवार को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा स्थित ललित कला संस्थान (संस्कृति भवन, सिविल लाइंस) में एकदिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ।
सुबह 10 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी और निदेशक प्रो. संजय चौधरी ने किया। इसके बाद रंगों की अनूठी दुनिया में कलाकारों का सृजन प्रवाह उमड़ पड़ा।
प्रतियोगिता में 600 से अधिक छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए “विकसित भारत के रंग कला के संग” विषय पर विविध चित्र प्रस्तुत किए। कहीं कल्पना में गढ़ा भविष्य झलक रहा था, तो कहीं संस्कृति और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
डॉ. मनोज कुमार (समन्वयक व उपनिदेशक) ने बताया कि विजेताओं को संस्कृति मंत्रालय द्वारा विशेष पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनकी राशि एक लाख रुपये तक होगी। डॉ. शार्दूल मिश्रा और डॉ. शीतल शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि युवा कलाकारों के सपनों को आकार देने का अवसर है।
इस अवसर पर लखनऊ से आए श्री देवेंद्र त्रिपाठी (क्षेत्रीय सचिव, ललित कला अकादमी) सहित अनेक प्रख्यात कलाकार, प्रोफेसर चित्रलेखा सिंह, प्रो. लवकुश मिश्रा, प्रो. नारायण शुक्ला, प्रो. ब्रजेश्वर दत्त शुक्ला और अन्य कला शिक्षकों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। पूरे दिन वातावरण रंगों और सृजनशीलता से सराबोर रहा।