आपके सितारेः बुधवार, 03 दिसंबर 2025 का राशिफल
03 दिसम्बर, 2025 को कैसा रहेगा आपका दिन, जानिए दैवज्ञ बृज मोहन दीक्षित से- आपके सितारे। साथ में 04 दिसम्बर, 2025 का पंचांग भी।
मेष
थोड़ी भावुकता रह सकती है, जिसका लोग लाभ उठाने का प्रयास कर सकते हैं इसलिए भावनाओं पर नियंत्रण आवश्यक है। माइग्रेन की समस्या वाले जातकों को विशेष सावधानी रखनी होगी। पारिवारिक जीवन में सुख व सहयोग मिलेगा। माता की ओर से स्नेह व समर्थन प्राप्त होगा।
भाग्यशाली रंग — गेरुआ, भाग्यशाली अंक — 1
वृषभ
विरोधियों और शत्रुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है। सेहत पर मौसम का प्रभाव दिख सकता है। पारिवारिक जीवन में अनावश्यक टोका-टाकी से बचना होगा। आर्थिक लाभ के योग बनेंगे परंतु खर्च अधिक रहेगा, जिससे बचत कठिन होगी।
भाग्यशाली रंग — बादामी, भाग्यशाली अंक — 2
मिथुन
शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। उच्च शिक्षा हेतु प्रयासरत जातकों को कामयाबी मिल सकती है। करियर में नई उम्मीद जगेगी। बुद्धि व कार्यकुशलता का लाभ मिलेगा। कोई मनोकामना पूर्ण होगी। संतान और जीवनसाथी की ओर से प्रसन्नता प्राप्त होगी।
भाग्यशाली रंग — हल्का हरा, भाग्यशाली अंक — 6
कर्क
मेहनत और भाग्य दोनों का साथ प्राप्त होगा। कोई महत्वाकांक्षा पूरी हो सकती है। ऊर्जा व उत्साह प्रबल रहेगा। पेंडिंग कार्य निपटा सकेंगे। लाभ के कई स्रोत बन सकते हैं। किसी पूर्व परिचित से भी फायदा संभव है।
भाग्यशाली रंग — मटमैला, भाग्यशाली अंक — 9
सिंह
भाग्य परिश्रम से अधिक लाभ दिलाएगा। पैतृक धन-संपत्ति का लाभ संभव है। सरकारी संबंधी कार्य बनेंगे। नौकरी में अनुकूलता बनी रहेगी। अधिकारी वर्ग सहयोग देगा। सामाजिक सम्मान और प्रभाव में वृद्धि होगी। सेहत अच्छी रहेगी।
भाग्यशाली रंग — लाल, भाग्यशाली अंक — 5
कन्या
अतिउत्साह में निर्णय लेने से बचना होगा। विद्यार्थियों का मन विचलित रह सकता है। आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ेगा और कई लेनदेन निपटाने होंगे। पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बनाए रखने हेतु क्रोध और वाणी पर संयम आवश्यक है।
भाग्यशाली रंग — हल्का हरा, भाग्यशाली अंक — 6
⚖️ तुला
वैवाहिक जीवन में सुख व आनंद मिलेगा। साझेदारी व जान-पहचान के माध्यम से लाभ संभव है। मित्रों और संबंधियों की मदद लाभ दिला सकती है। सुख-साधनों की प्राप्ति होगी। व्यवसाय में आर्थिक लाभ के योग बनेंगे।
भाग्यशाली रंग — जरिम कलर, भाग्यशाली अंक — 6
? वृश्चिक
कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं, जो भविष्य में लाभकारी होंगे। व्यवसाय में लाभ की संभावना है, विशेषकर लोहा या धातु कार्य से जुड़े जातकों को। संपत्ति संबंधी कार्यों में भी फायदा संभव है।
भाग्यशाली रंग — लाल, भाग्यशाली अंक — 9
धनु
मित्रों और संबंधियों से सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। विदेशी स्रोत से भी लाभ प्राप्त हो सकता है। भूमि-जायदाद से जुड़ा मामला पक्ष में आ सकता है। धर्म, कर्म व सामाजिक कार्यों में रुचि बनी रहेगी।
भाग्यशाली रंग — क्रीम, भाग्यशाली अंक — 3
मकर
परिवार से सुख सहयोग प्राप्त होगा। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। जीवनसाथी और संतान से खुशी मिलेगी। संतान के भविष्य पर निर्णय हो सकता है। नौकरी में प्रभाव व सम्मान बना रहेगा। नौकरी परिवर्तन का विचार रखने वाले जातक प्रयास कर सकते हैं।
भाग्यशाली रंग — मटमैला, भाग्यशाली अंक — 8
कुम्भ
काम में सतर्कता आवश्यक है। गलत निर्णय नुकसान दे सकता है। आर्थिक रूप से दिन खर्चीला रहेगा। किसी की बातों में आकर निर्णय लेने से बचना होगा। छात्रों को शिक्षा में ध्यान देने की आवश्यकता है, मानसिक भटकाव रह सकता है।
भाग्यशाली रंग — नीला, भाग्यशाली अंक — 7
मीन
कमाई के साथ खर्च भी बना रहेगा। नौकरी में अपने कार्य पर ध्यान देना उचित है। दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप से बचना होगा। व्यवसाय में कानूनी मामलों में जोखिम लेने से बचें। वाणी और व्यवहार कुशलता का लाभ मिलेगा—क्रोध को नियंत्रित रखना आवश्यक है।
भाग्यशाली रंग — धानी, भाग्यशाली अंक — 9
-दैवज्ञ बृज मोहन दीक्षित, आगरा। - मोबाइलः 9893118788
-04 दिसंबर 2025 का पंचांग-
वारः गुरुवार।
विक्रम संवतः 2082
शक संवतः 1947
माह/पक्ष: मार्गशीर्ष मास - शुक्ल पक्ष।
तिथि: चतुर्दशी प्रातः 08:37 बजे तक, तत्पश्चात पूर्णिमा कल तड़के 04:43 बजे तक, तत्पश्चात प्रतिपदा का आरम्भ।
चंद्र राशि: वृषभ राशि पर रहेगा।
चंद्र नक्षत्र: कृतिका नक्षत्र अपराह्न 02:55 बजे तक, तत्पश्चात रोहिणी नक्षत्र रहेगा।
योगः शिव मध्याह्न 12:34 बजे तक, उपरांत सिद्ध योग रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:48 बजे से मध्याह्न 12:30 बजे तक।
शुभ मुहूर्त: रवि योग।
सूर्योदयः प्रातः 06:52 बजे।
सूर्यास्तः सायं 05:25 बजे।
राहूकालः अपराह्न 01:30 बजे से 03:00 बजे तक।
तीज त्योहार: दत्तात्रेय जयंती, अन्नपूर्णा जयंती, त्रिपुर भैरवी जयंती, कार्तिगाई दीपम्, मार्गशीर्ष पूर्णिमा, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत, पूर्णिमा तिथि का क्षय।
विशेष दिवस: कोई नहीं है।
पंचक: कोई नहीं है।
मूल: कोई नहीं है।
भद्राः प्रातः 08:37 बजे से शाम 06:40 बजे तक।
दिशाशूल: दक्षिण दिशा में।