ओटीपी के जाल में फंसा युवक, बैंककर्मी बन साइबर ठगों ने ₹5.95 लाख उड़ाए

आगरा। आगरा के फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने खुद को बैंककर्मी बताकर एक युवक से लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित से ओटीपी हासिल कर ठगों ने उसके केनरा बैंक खाते से यूपीआई के जरिए करीब 5.95 लाख रुपये निकाल लिए। घटना का खुलासा संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद हुआ, जिससे पीड़ित के होश उड़ गए।

Jan 5, 2026 - 21:54
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ओटीपी के जाल में फंसा युवक, बैंककर्मी बन साइबर ठगों ने ₹5.95 लाख उड़ाए
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आगरा। आगरा के फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने खुद को बैंककर्मी बताकर एक युवक से लाखों रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित से ओटीपी हासिल कर ठगों ने उसके केनरा बैंक खाते से यूपीआई के जरिए करीब 5.95 लाख रुपये निकाल लिए। घटना का खुलासा संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद हुआ, जिससे पीड़ित के होश उड़ गए।

पीड़ित मदन गोपाल ने बताया कि उसे एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। कॉलर ने खाते से जुड़ी जानकारी अपडेट करने का बहाना बनाकर उससे ओटीपी पूछ लिया। जैसे ही ओटीपी साझा किया गया, उसके केनरा बैंक खाते से अलग-अलग तारीखों में यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹5,95,242 की रकम निकाल ली गई।

जब पीड़ित के मोबाइल पर लगातार संदिग्ध मैसेज और ट्रांजैक्शन अलर्ट आने लगे, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत बैंक से संपर्क किया और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

साइबर थाना पुलिस बैंक खाते, मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और ट्रांजैक्शन डिटेल्स की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगों ने रकम किन खातों में ट्रांसफर की और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।

पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, बैंक विवरण या यूपीआई से जुड़ी जानकारी साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगते हैं। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।