जोरावर ट्रेलः इंडियन आर्मी ने निकाली वीरता, साहस और श्रद्धांजलि की ऐतिहासिक बाइक रैली
-आरके सिंह- बरेली। भारतीय सेना ने अपने वीर नायक जनरल जोरावर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रविवार को ‘जोरावर ट्रेल’ नामक एक ऐतिहासिक बाइक रैली को बरेली से हरी झंडी दिखाई। उत्तर भारत एरिया के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा, एवीएसएम ने लाइव स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस रैली की शुरुआत की।
रैली में भारतीय सेना के 24 समर्पित राइडर्स के साथ-साथ 4 महिला राइडर्स भी शामिल हैं, जो कुमाऊं की दुर्गम पहाड़ियों में 8 दिन तक वीरता और स्मरण का यह अभियान पूरा करेंगे। इसका समापन 16 जून को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक भव्य संगीत समारोह के साथ होगा।
जोरावर ट्रेलः वीरता और विरासत की राह
पंचशूल ब्रिगेड के तत्वावधान में आयोजित यह बाइक रैली न केवल सैन्य परंपरा की विरासत को संजोती है बल्कि साहस और राष्ट्रभक्ति की मिसाल भी पेश करती है। रैली ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों से होकर गुजरेगी जिनसे जोरावर सिंह की गौरवशाली विरासत जुड़ी रही है।
प्रमुख पड़ाव और रैली का संदेश
रैली के प्रमुख पड़ावों में गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब, काली माता मंदिर, ओम पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती कुंड और दुग्तु गांव (पंचचूली पर्वत श्रृंखला के नीचे) शामिल हैं। राइडर्स न सिर्फ इन स्थलों की महत्ता से रूबरू होंगे, बल्कि मार्ग में पूर्व सैनिकों से संवाद कर उनके अनुभवों और समस्याओं को भी समझेंगे।
सेना में महिला सशक्तिकरण का भी संदेश
महिला राइडर्स की भागीदारी इस बात का संकेत है कि सेना से जुड़े अभियानों में अब महिलाओं की सक्रिय भूमिका और सशक्तिकरण बढ़ रहा है। यह जोरावर ट्रेल रैली युवाओं और पूर्व सैनिकों के बीच इंटर-जेनरेशनल लर्निंग को भी बढ़ावा देगी, जिससे सेवा, बलिदान और देशभक्ति के प्रति नई पीढ़ी में गहराई से समझ विकसित होगी।
यह पहल भारतीय सेना की नागरिक समाज से सहभागिता और राष्ट्र की एकता को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सिर्फ बाइक यात्रा नहीं, बल्कि देशप्रेम, विरासत और प्रेरणा का प्रतीक है।