ब्रज में 274 करोड़ का विकास ब्लूप्रिंट: चौरासी कोस पड़ाव का विकास, नए टीएफसी निर्माण, घाट-सौंदर्यीकरण, वनों का संरक्षण और स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट्स पर जनप्रतिनिधियों की मुहर

मथुरा। ब्रज क्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा खाका तैयार हो गया है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तावित 274 करोड़ रुपये की योजनाओं पर जनप्रतिनिधियों ने सहमति की मुहर लगा दी। इन योजनाओं में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के पड़ाव स्थलों का विकास, नए पर्यटक सुविधा केंद्र (टीएफसी), घाटों का पुनरुद्धार, पार्किंग, वेटलैंड और पौराणिक वनों के संरक्षण जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

Apr 23, 2026 - 18:54
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ब्रज में 274 करोड़ का विकास ब्लूप्रिंट: चौरासी कोस पड़ाव का विकास, नए टीएफसी निर्माण, घाट-सौंदर्यीकरण, वनों का संरक्षण और स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट्स पर जनप्रतिनिधियों की मुहर
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक में 274 करोड़ की परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लगाने वाली बैठक की अध्य़क्षता करते गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी। साथ हैं परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी।

गुरुवार को परिषद सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने की, जबकि परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का संचालन करते हुए परिषद की सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने विस्तृत जानकारी दी।

बताया गया कि चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के जाव, करहला और शेरगढ़ स्थित पड़ाव स्थलों पर बाउंड्री वॉल और भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इसके साथ ही गोवर्धन के पास यमुनावता गांव में लगभग 45 करोड़ रुपये और राधाकुंड स्थित छटीकरा मोड़ पर 65 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पर्यटक सुविधा केंद्र (टीएफसी) बनाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है।

परियोजनाओं में कंस किला के पीछे के हिस्से का पुनरुद्धार, मसानी स्थित गुरु नानक देव की बगीची के सामने पार्किंग स्थल का विकास, यमुना पार हंसरानी घाट का पुनरुद्धार और 42 करोड़ रुपये की लागत से ब्रज के 36 पौराणिक वनों का संरक्षण एवं पुनर्स्थापन शामिल है। इसके अलावा जवाहर बाग क्षेत्र में पुलिस लाइन के पीछे वेटलैंड विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है।

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि उद्यान विभाग वेटलैंड का कार्य नहीं करता है, तो परिषद स्वयं इसे पूरा करे। साथ ही उन्होंने बलदेव क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने जानकारी दी कि बलदेव क्षेत्र में यमुना के सैंतरी घाट और कंजौली घाट के निर्माण व सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए पंडाल और अन्य सुविधाओं के विकास, तथा हनुमान तिराहे से मंदिर और अवैरनी चौराहे से मेला मैदान तक स्मार्ट रोड निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर बलदेव के लिए इंटरचेंज निर्माण हेतु लगभग 13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी रखा गया।

बैठक में विधायक मेघश्याम सिंह ने गोवर्धन क्षेत्र से जुड़ी कई मांगें रखीं। उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा ने अधिकारियों को अडींग स्थित जर्जर ऐतिहासिक किले के संरक्षण के लिए संयुक्त निरीक्षण के निर्देश दिए और नए आरओबी निर्माण प्रस्ताव की भी जानकारी दी।

इस दौरान महापौर विनोद अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य तेजवीर सिंह, विधायक ओम प्रकाश सिंह, सांसद हेमा मालिनी के प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा, नगर आयुक्त जग प्रवेश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मदन चंद्र दुबे, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश चंद्र और पर्यावरण सलाहकार मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे।

बताया गया कि ब्रज चौरासी कोस की अंतर्वेदी परिक्रमा के लिए लगभग 6000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार के परिवहन विभाग में लंबित है, जबकि बहिर्वेदी परिक्रमा मार्ग का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। 17 मई से शुरू होने वाली अधिक मास परिक्रमा को देखते हुए परिषद ने पड़ाव स्थलों पर ठंडे पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा मानसी गंगा के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत टाटा समूह के सहयोग से कार्य कराने की तैयारी भी की जा रही है।

प्रस्तावित प्रमुख परियोजनाएं (2026–27)

जाव (छाता) में 0.526 हेक्टेयर पड़ाव विकास के लिए ₹200 लाख, करहला (छाता) में 2.50 हेक्टेयर विकास के लिए ₹500 लाख, यमुनावता में पर्यटक सुविधा केंद्र (टीएफसी) हेतु ₹4500 लाख, राधाकुंड में टीएफसी निर्माण के लिए ₹6500 लाख, यमुना नदी पर सैंतरी/कंजोली घाट निर्माण के लिए ₹4000 लाख, मथुरा नगर स्थित कंस किला पुनरुद्धार के लिए ₹1500 लाख, मसानी रोड पर पार्किंग व जन-सुविधाओं के विकास के लिए ₹400 लाख, रानी घाट पुनरुद्धार के लिए ₹800 लाख, कंस किला क्षेत्र में भवन संरक्षण के लिए ₹800 लाख, ब्रज के 36 पौराणिक वनों के इको-रेस्टोरेशन के लिए ₹4200 लाख, शेरगढ़ में पड़ाव विकास हेतु ₹500 लाख, जवाहर बाग के सौंदर्यीकरण के लिए ₹700 लाख, गोकुल में 7 किमी परिक्रमा मार्ग विकास के लिए ₹1500 लाख, सौंख टीला को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने हेतु ₹1500 लाख तथा गोविंद नगर में म्यूजियम व पर्यटन केंद्र निर्माण के लिए ₹1500 लाख प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत ₹27400 लाख यानी 274 करोड़ रुपये है।

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SP_Singh AURGURU Editor