डिजिटल इंडिया की कमान यूपी के दो अफसरों के हाथ: आधार और जनगणना में निभा रहे नेतृत्व भूमिका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की नौकरशाही एक बार फिर देशभर में सुर्खियों में है। वजह हैं दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, जो इस समय भारत की दो सबसे अहम डिजिटल और प्रशासनिक परियोजनाओं की कमान संभाल रहे हैं।

Jun 18, 2025 - 18:41
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डिजिटल इंडिया की कमान यूपी के दो अफसरों के हाथ: आधार और जनगणना में निभा रहे नेतृत्व भूमिका
यूपी के कैडर के आईएएस एमके नारायण और भुवनेश कुमार।

-यूपी कैडर के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आधार और जनगणना जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं के संचालन में निभा रहे केंद्रीय भूमिका

पहली अहम भूमिका निभा रहे हैं यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कामर, जिनकी हालिया घोषणा ने देशभर में डिजिटल बदलाव की संभावनाएं और पुख्ता कर दी हैं। उन्होंने कहा है, अब फिंगरप्रिंट और आईरिस को छोड़कर आधार से जुड़े लगभग सभी कार्य घर बैठे पूरे किए जा सकेंगे।
यह बयान सिर्फ डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक तकनीकी छलांग नहीं, बल्कि भारत में नागरिक सुविधा और पारदर्शिता की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा। आधार के व्यापक उपयोग से नागरिकों को सरकारी सेवाओं की आसान, तेज़ और भरोसेमंद पहुंच मिलेगी। भुवनेश कुमार अलीगढ़ समेत यूपी के कई जिलों में जिलाधिकारी और अन्य पदों पर रह चुके हैं।

वहीं दूसरी ओर दो दिन पहले दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जनगणना 2025 की तैयारियों की समीक्षा हुई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठे एमके नारायण, इस समय रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के अतिरिक्त सचिव के रूप में दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटलीकृत प्रक्रिया के तहत होगी, जिससे गिनती में डुप्लिकेशन और मानवीय त्रुटियों को न्यूनतम किया जा सकेगा। यह पहल न केवल डेटा सटीकता बढ़ाएगी, बल्कि नीति-निर्माण के लिए विश्वसनीय आधार भी देगी। मृत्युंजय कुमार नारायण आगरा में जिलाधिकारी पद संभाल चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि दोनों ही अधिकारी 1995 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर से हैं। उनके साथ 1999 से 2011 के बीच विभिन्न जिलों में सीडीओ और डीएम  के रूप में कार्य कर चुके सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी चोब सिंह वर्मा बताते हैं, इन दोनों अधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी समझ और ईमानदारी यूपी के लिए गौरव का विषय है। दिल्ली जैसे उच्चस्तरीय प्रशासनिक गलियारों में इनका प्रभाव देखना प्रेरणादायक है। आज भी इन दोनों अधिकारियों से उन्हें सम्मान और आत्मीयता मिलती है।

कुल मिलाकर आज जब भारत डिजिटल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, तब यूपी कैडर के ये दो अधिकारी एक डिजिटल पहचान और दूसरा जनसंख्या डाटा प्रबंधन जैसे आधारभूत विषयों की धुरी बनकर खड़े हैं।

SP_Singh AURGURU Editor