हुलिया और धर्म बदलकर 38 साल तक कानून से भागता रहा भाई का हत्यारोपी, हाईकोर्ट के दबाव पर 38 साल बाद मुरादाबाद से गिरफ्तार

38 साल पहले भाई की हत्या के बाद पैरोल पर छूटकर फरार हुए आरोपी ने कानून से बचने के लिए न सिर्फ अपना हुलिया बदला, बल्कि पहचान और धर्म भी बदल दिया। हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद पुलिस ने दोबारा तलाश शुरू की और आखिरकार 70 वर्षीय आरोपी को मुरादाबाद से अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर के नाम से पकड़ा।

Nov 29, 2025 - 22:55
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हुलिया और धर्म बदलकर 38 साल तक कानून से भागता रहा भाई का हत्यारोपी, हाईकोर्ट के दबाव पर 38 साल बाद मुरादाबाद से गिरफ्तार
भाई की हत्या के आरोप में 38 साल से फरार आरोपी फिर से कानून के शिकंजे में।

-आरके सिंह-

बरेली। थाना प्रेमनगर पुलिस ने 38 साल से फरार चल रहे हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पैरोल पर आने के बाद न सिर्फ अपना नाम बदल लिया था, बल्कि हुलिया और धर्म बदलकर पूरी तरह नई पहचान बना ली थी। आरोपी प्रदीप कुमार सक्सेना, जिसने 1987 में अपने ही भाई की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी, अब अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर के नाम से मुरादाबाद में रह रहा था।

पैरोल पर छूटने के बाद गायब हुआ था आरोपी

1987 में भाई संजीव सक्सेना की हत्या में जेल भेजा गया प्रदीप 1989 में पैरोल पर बाहर आया और फिर लापता हो गया। शुरुआती तलाश के बाद पुलिस ने उसकी फाइल ठंडी कर दी। लेकिन हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को आदेश दिया कि आरोपी को 4 सप्ताह के भीतर गिरफ्तार किया जाए और सीजेएम के समक्ष पेश किया जाए।

इस आदेश के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने सीओ नगर प्रथम आशुतोष शिवम के निर्देशन में विशेष टीम गठित की और खोज पुनः शुरू हुई।

परिवार ने भी कहा- सालों से नहीं देखा

परिवार, रिश्तेदार और परिचितों से पूछताछ में पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। इसी बीच आरोपी के भाई सुरेश ने बताया कि वर्षों से भाई को नहीं देखा, मगर इतना सुना है कि वह मुरादाबाद में कहीं ड्राइवरी कर रहा है।

मुरादाबाद में ‘अब्दुल रहीम ड्राइवर’ बनकर रह रहा था हत्यारोपी

शाही पुलिस और प्रेमनगर टीम मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के करूला पहुंची, जहाँ पता चला कि एक ड्राइवर अब्दुल रहीम उर्फ सक्सेना ड्राइवर के नाम से पिछले 30 साल से रह रहा है। हुलिया पहचानना मुश्किल था। लंबी दाढ़ी, कुर्ता–पायजामा और पूरी बदली हुई जिंदगी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि वह अक्सर बरेली रूट पर गाड़ी चलाता है। ट्रांसपोर्ट नगर में पता चला कि वह बरेली की ओर निकला है। पुलिस ने घेराबंदी कर डेलापीर मंडी से आरोपी को पकड़ लिया।

पहचान छिपाने के लिए धर्म परिवर्तन भी किया था

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि 1989 में पैरोल पर आने के बाद वह दोबारा जेल नहीं जाना चाहता था। बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया। वर्ष 2002 में उसने पहचान छुपाने के लिए धर्म भी बदल लिया और प्रदीप से अब्दुल रहीम बनकर रहने लगा। अब उसकी उम्र 70 साल के करीब हो चुकी है। शुक्रवार को उसे सीजेएम कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

SP_Singh AURGURU Editor