भारत की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने 20 दिन बाद लौटाया बीएसएफ जवान
नई दिल्ली। 23 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान अनजाने में पाकिस्तान सीमा में चले गए बीएसएफ जवान पीके साहू को आखिरकार 20 दिन बाद भारत की सख्त कूटनीतिक कार्रवाई के बाद रिहा कर दिया गया। पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा हिरासत में लिए गए जवान को आज सुबह अटारी बॉर्डर पर बीएसएफ के हवाले किया गया।
-अटारी बॉर्डर पर जवान पीके साहू को बीएसएफ को सौंपा गया
जवान साहू ऐसे वक्त में गलती से पाकिस्तान सीमा में प्रवेश कर गया था जब 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश था। इसके बाद पाकिस्तान जवान की वापसी को लेकर आनाकानी कर रहा था। इसके बाद भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि जवान को सुरक्षित नहीं लौटाया गया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
सम्पर्क को नजरंदाज कर रहा था पाक
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान बीएसएफ जवान को राजनीतिक और सामरिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना चाहता था। शुरूआती दिनों में पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ अधिकारियों की किसी भी संपर्क की कोशिश को नजरअंदाज किया। इसके बाद मामला विदेश मंत्रालय के स्तर तक पहुंचा और भारत ने इस मुद्दे पर सख्ती दिखाते हुए पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया।
पत्नी ने नहीं छोड़ी उम्मीद
जवान की पत्नी ने 20 दिनों तक बॉर्डर पर डेरा डालकर अपने पति की वापसी की प्रतीक्षा की। आज जब पीके साहू को भारत लौटाया गया, तो सबसे पहले उनका मेडिकल परीक्षण किया गया और फिर अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की।