सोलर रेडिएशन के चलते दुनिया भर में विमानों का परिचालन प्रभावित, छह हजार प्लेन ग्राउंड पर
एयरबस ने अपने ए320 विमानों में सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करने के लिए दुनिया भर में करीब छह हजार विमानों को खड़ा कर दिया है। इससे भारत सहित कई देशों में हवाई यात्रा प्रभावित होगी। एयर इंडिया और इंडिगो जैसी एयरलाइनों के विमानों में यह काम चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही परिचालन सामान्य हो जाएगा।
नई दिल्ली। यूरोपीय विमानन कंपनी एयरबस ने अपने ए320 सीरीज के विमानों में सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने के लिए दुनियाभर में अपने करीब 6 हजार विमानों को ग्राउंड करने का फैसला किया है। इससे भारत, अमेरिका समेत कई देशों में हवाई यात्रा पर असर पड़ेगा। भारत में करीब 350 से ज्यादा विमान एयरबस की एडवाइजरी के बाद दो-तीन दिनों तक उड़ान नहीं भर सकेंगे। हालांकि सोमवार या मंगलवार तक परिचालन के सामान्य होने की संभावना है।
यह समस्या दुनिया भर के करीब 6,000 ए320 विमानों को प्रभावित कर सकती है। यह बड़ी बात इसलिए है क्योंकि एयरबस और बोइंग मिलकर दुनिया के तीन-चौथाई से ज्यादा हवाई जहाजों का बाजार संभालते हैं। इसलिए, अगर उनके किसी बड़े मॉडल में कोई समस्या आती है, तो उसका असर तुरंत और बड़े पैमाने पर हवाई यातायात पर पड़ता है।
एयरबस कंपनी ने लगभग 6 हजार ए320 सीरीज के विमानों के तत्काल अपग्रेड के आदेश जारी किए हैं, जिससे वैश्विक बेड़े के आधे से ज्यादा विमानों के प्रभावित होने की आशंका है। इस बड़े पैमाने पर वापसी से व्यापक व्यवधान पैदा हो सकता है, खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका में।
एयरबस ने बताया है कि हाल ही में एक ए320 विमान के साथ हुई एक घटना में सोलर रेडिएशन से जुड़े एक संभावित खतरे का पता चला है। यह रेडिएशन विमान के उड़ान-नियंत्रण सिस्टम के लिए जरूरी डेटा को खराब कर सकता है। इस खुलासे के बाद, कंपनी ने पाया कि सेवा में मौजूद बड़ी संख्या में ए320 विमान इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं।
एयर इंडिया ने इस निर्देश को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा है कि वे एयरबस की ओर से जारी एक निर्देश से अवगत हैं, जो वर्तमान में अलग-अलग एयरलाइनों के साथ सेवा में मौजूद ए320 श्रेणी के विमानों से संबंधित है। इससे हमारे बेड़े के कुछ विमानों में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर का रीअलाइनमेंट किया जाएगा, जिससे टर्नअराउंड समय बढ़ सकता है और हमारी निर्धारित उड़ान संचालन में विलंब हो सकता है।
हाल ही में एयर इंडिया ने अपने पुराने ए320 नीओ विमान बेड़े के लिए एक बड़ा रेट्रोफिट प्रोग्राम पूरा किया था। जिसमें 27 रेनोवेट किए गए विमानों, 14 नए डिलीवर हुए A320 और विस्तारा के विलय के बाद जोड़े गए अतिरिक्त विमानों के साथ, एयरलाइन अब नए या अपग्रेड इंटीरियर वाले लगभग 104 ए320 सीरीज के विमानों का संचालन करती है।
इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि हमेशा सुरक्षा सबसे पहले आती है। कंपनी ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "एयरबस ने ग्लोबल ए320 फ्लीट के लिए एक टेक्निकल एडवाइजरी जारी की है। हम अपने विमानों पर जरूरी अपडेट्स को पूरी मेहनत और सावधानी से, सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल के हिसाब से पूरा कर रहे हैं। जब हम इन अपडेट्स पर काम कर रहे हैं, तो कुछ फ्लाइट्स के शेड्यूल में थोड़े बदलाव हो सकते हैं।"
इंडिगो के ए320 बेड़े में ज्यादातर विमान नए मॉडल के हैं, जबकि पुराने मॉडल अब बहुत कम संख्या में हैं। इंडिगो के पास कुल 350 ए320 सीरीज के विमान हैं, उम्मीद जताई जा रही है कि 250 विमानों में अपग्रेड सोमवार या मंगलवार तक पूरा हो जाएगा। जबकि एयर इंडिया, जिसके पास लगभग 120-125 ए320 विमान हैं। एयर इंडिया के 100 से ज्यादा विमानों में मंगलवार तक अपग्रेड पूरा होने की उम्मीद है।
विमान उद्योग के जानकारों का कहना है कि यह एयरबस के 55 साल के इतिहास में सबसे बड़े रिकॉल में से एक हो सकता है। यह तब हो रहा है जब कुछ हफ्ते पहले ही ए320 ने बोइंग 737 को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में सबसे ज्यादा डिलीवर होने वाले विमान मॉडल का खिताब हासिल किया था।
विमान में होने वाले इस अपग्रेड का काम आसान होने की उम्मीद है और इसमें मुख्य रूप से पिछले सॉफ्टवेयर संस्करण पर वापस जाना शामिल है। फिर भी, विमानों को यात्री सेवा में वापस लाने से पहले एयरलाइनों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, भारत और न्यूजीलैंड की एयरलाइनों ने चेतावनी दी है कि आवश्यक मरम्मत में देरी या रद्दीकरण हो सकता है। अमेरिकन एयरलाइंस, जो दुनिया भर में सबसे ज्यादा ए320 विमानों का संचालन करती है, उसने उम्मीद जताई है कि उसके 480 ए320 विमानों में से लगभग 340 को जल्द अपडेट कर दिया जाएगा।
लुफ्थांसा, इंडिगो और ईजीजेट जैसी अन्य प्रमुख एयरलाइंस भी अपडेट के लिए थोड़े समय के लिए विमानों को ग्राउंड करने की योजना बना रही हैं। दक्षिण अमेरिका में, एवियांका ने कहा है कि उसके बेड़े का 70% से ज्यादा हिस्सा प्रभावित है, जिससे एयरलाइन कंपनी ने 8 दिसंबर तक कुछ यात्रा डेटों के लिए टिकटों की बिक्री अस्थायी रूप से बंद कर दी है।