प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, शाहजहांपुर में महिला समेत चार गिरफ्तार, पुलिस को विदेशों से फंडिंग की आशंका, जांच
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में कथित रूप से प्रार्थना सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने एक महिला समेत चार ईसाई मिशनरी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे, जिनमें हिंदू समुदाय की महिलाएं भी शामिल थीं। मामले की जांच में विदेशी फंडिंग की आशंका सामने आने पर कई पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
-राजीव शर्मा-
शाहजहांपुर। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि थाना रोजा क्षेत्र की एक कॉलोनी में धर्मांतरण की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां एक बड़े कमरे में सभा चल रही थी। सभा स्थल पर ईसाई धर्म का प्रतीक चिन्ह लगा हुआ था और दर्जनों महिलाएं मौजूद थीं, जिनमें ईसाई समुदाय के साथ-साथ हिंदू महिलाएं और बच्चे भी शामिल पाए गए।
पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, सभा में मौजूद कई महिलाएं भाग निकलीं। वहीं, स्थल पर मौजूद रमेश और लखन से पूछताछ में सामने आया कि धर्म परिवर्तन करने वालों को कथित रूप से ईसाई समाज की ओर से धनराशि देने और विवाह कराने जैसे प्रलोभन दिए जाते थे। पुलिस ने इस बयान को केस डायरी में दर्ज किया है।
एसपी ने आगे बताया कि इससे पूर्व थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के थाना सिधौली में भी इसी तरह का धर्मांतरण का मामला पकड़ा गया था। उस प्रकरण की गहन जांच में यह तथ्य सामने आया कि कथित संचालक के खाते में प्रतिदिन लगभग 48,000 रुपये की धनराशि आती थी, जो विदेश से डॉलर में भेजी जाती थी। इसी कड़ी में शाहजहांपुर के इस मामले में भी पुलिस यह जांच कर रही है कि धन कहां से आया, अब तक कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया और आरोपियों के विदेशों में किन देशों से संबंध हैं।
पुलिस ने इस प्रकरण में विवेक कुमार, विपिन, मोनू तथा महिला एंजेल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (मारपीट), 351 (हमलावर होना), 352 (हमला) सहित विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच बहुआयामी है और विदेशी फंडिंग, नेटवर्क तथा अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।