अमेरिका का यूक्रेन को 15 साल की सुरक्षा गारंटी का ऑफर, जेलेंस्की चाहते हैं 50 वर्ष

यूक्रेन के प्रेसीडेंट वोलोडिमीर जेलेंस्की की रविवार को फ्लोरिडा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई है। रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर की संभावनाएं तलाशने के लिए दोनों नेता मिले हैं।

Dec 30, 2025 - 06:23
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अमेरिका का यूक्रेन को 15 साल की सुरक्षा गारंटी का ऑफर, जेलेंस्की चाहते हैं 50 वर्ष

कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका की ओर से उनको 15 साल की सुरक्षा गारंटी का ऑफर मिल रहा है। ट्रंप के साथ हुई बैठक के नतीजों के बारे में हुए सवाल पर सोमवार को उन्होंने ये कहा है। जेलेंस्की ने कहा कि प्रस्तावित शांति योजना के तहत यूक्रेन को 15 साल की सुरक्षा गारंटी दी जा रहा है। हम रूस की कब्जे की कोशिशों से रोकने के लिए अमेरिका से 50 साल तक सुरक्षा प्रतिबद्धता चाहते हैं। यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी जेलेंस्की की सबसे अहम मांगों में से एक है।

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की ने कहा कि सच्चाई ये है कि सुरक्षा गारंटी के बिना युद्ध खत्म नहीं होगा। सुरक्षा गारंटी की डिटेल अभी सामने नहीं आई हैं। जेलेंस्की ने बताया कि शांति समझौते की निगरानी और सहयोगियों की मौजूदगी भी शर्तों में शामिल है। इससे ज्यादा जानकारी यूक्रेन की ओर से नहीं दी गई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की से मिलने के बाद रूस के राष्ट्रपति से भी बात की है। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि सोमवार को ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ युद्ध के बारे में एक सकारात्मक बातचीत की। दोनों नेताओं ने रविवार को जलेंस्की के साथ ट्रंप की मीटिंग से कुछ समय पहले भी बात की थी।

व्लादिमीर पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि ट्रंप यूक्रेन पर एक व्यापक शांति समझौते की तलाश करने और युद्धविराम के माध्यम से अपनी सेना के लिए अस्थायी राहत की मांग न करने का दबाव डाल रहे हैं। दूसरी ओर पुतिन ने किसी भी युद्धविराम से पहले पूर्ण समझौते पर जोर दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में जेंलेंस्की से मिलने के बाद यह भी कहा कि फिलहाल यूक्रेन और रूस शांति समझौते के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं। हालांकि ट्रंप को इस बातचीत के नाकाम होने का भी डर है क्योंकि सुरक्षा गारंटी, सेनाओं की वापसी, जोपोरिज़्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर कब्जे जैसे मुद्दों पर अभी भी चीजें साफ नहीं हो पा रही हैं।