बदायूं हादसाः गूगल मैप समेत पीडब्ल्यूडी के चार इंजीनियरों पर मुकदमा
बरेली। बरेली-बदायूं मार्ग पर बीते कल तड़के अधूरे पुल से रामगंगा में कार गिरने के हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद आज प्रशासन की तंद्रा भंग हुई। बदायूं जिले के दातागंज तहसीलदार की ओर से आज इस मामले में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमे में लोक निर्माण विभाग के चार इंजीनियरों के साथ ही गूगल मैप का भी नाम है। कुछ अज्ञात ग्रामीणों का भी रिपोर्ट में जिक्र है।
-अधूरे बने पुल से रामगंगा में कार गिरने से तीन युवकों की मौत पर प्रशासन का एक्शन
ज्ञातव्य है कि कल रात गूगल मैप लगाकर चल रहे इन युवकों की कार को गूगल मैप अधूरे पुल पर ले गया था और कोहरे की वजह से उन्हें यह अधूरा पुल नहीं दिखा तथा कार ऊंचे पुल से नीचे नदी में जा गिरी। इस हादसे में फर्रुखाबाद के अजीत, नितिन और अमित की दर्दनाक मौत हो गई थी।
चूंकि यह हादसा गूगल मैप की वजह से हुआ था, इसलिए यह सुर्खियां बन गया। बदायूं जिला प्रशासन का ध्यान भी इस ओर गया। तहसीलदार दातागंज छविराम से तहरीर दिलाकर लोनिवि के चार इंजीनियरों, गूगल मैप के क्षेत्रीय प्रबंधक और अज्ञात ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज कराई गई।
हैरानी की बात यह है कि रविवार तड़के हुए इस हादसे के बावजूद पीडब्ल्यूडी अफसर सोते रहे। संबंधित लोनिवि अधिकारी सेतु निगम पर जिम्मेदारी डालते रहे। बाद में बदायूं जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। बदायूं प्रशासन ने माना है कि इस हादसे के लिए गूगल मैप का सिस्टम पूरी तौर पर है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही भी प्रशासन ने मानी है।
इन पर एफआईआर
तहसीलदार छविराम की ओर से दातागंज थाने में में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता अभिषेक कुमार और आरिफ, अवर अभियंता अजय कुमार गंगवार और महाराज सिंह, गूगल मैप के क्षेत्रीय प्रबंधक और कुछ ग्रामीणों का जिक्र है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 तहत ये मुकदमा दर्ज किया गया है।
कुछ माह पहले बाढ़ में बही थी अप्रोच रोड
दरअसल बदायूं जिल में दातागंज से बरेली जनपद के फरीदपुर को जोड़ने के लिए एक पुल का निर्माण कराया गया था। यह पुल 2022 में बनकर तैयार हुआ और 2023 में इसे आवागमन के लिए खोल दिया गया था। कुछ महीने पहले आई बाढ़ में पुल की अप्रोच रोड पानी के कटान से बह गई थी। इसके बाद पुल अधर में खड़ा था। इसी वजह से रविवार को कार पुल से नीचे नदी में गिरी।
पीडब्ल्यूडी अफसरों की भी लापरवाही
जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में माना है कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने पुल की अप्रोच रोड बहने के बावजूद पुल के दोनो ओर कोई भी अवरोध अथवा बैरिकेड खड़े नहीं किए। दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को यह ज्ञात था कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति इस पुल से होकर गुजरेगा तो उसके साथ कोई बड़ी घटना घट सकती है, बावजूद इसके विभाग के अफसरों दोनों किनारों पर न तो बैरिकेडिंग लगवाई और न ही कोई रिफ्लेक्टर बोर्ड लगाया गया।