बांग्लादेश ने बोली पाकिस्तान की भाषा, लगाया बड़ा आरोप, कहा- भारत में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न 

बांग्लादेश ने पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हुए भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित हिंसा को लेकर चिंता जताई है। उसने भारत सरकार से संबंधित अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यूनुस सरकार का यह बयान बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ संस्थागत और व्यवस्थित हिंसा के बीच आया है।

Dec 29, 2025 - 19:15
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बांग्लादेश ने बोली पाकिस्तान की भाषा, लगाया बड़ा आरोप, कहा- भारत में अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न 

 
ढाका। बांग्लादेश ने भारत में मुस्लिम और ईसाई सहित अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ कथित "बड़े पैमाने पर हिंसा" पर गहरी चिंता जताई है। बयान में क्रिसमस के दौरान पूरे भारत में अल्पसंख्यकों पर हुए इन कथित हमलों की जांच और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की भी मांग की गई है। बड़ी बात यह है कि बांग्लादेश का भारत विरोधी यह बयान उसी दिन आया है, जब पाकिस्तान ने इन्हीं आरोपों को लेकर भारत को ज्ञान देने दी कोशिश की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कहीं बांग्लादेश ने ऐसा बयान पाकिस्तान के इशारे पर तो नहीं दिया है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसएम महबूबुल आलम ने भारत में कथित तौर पर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को लेकर अपनी सरकार का रुख बताया। इसी के साथ, उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति के बारे में भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की हालिया टिप्पणियों को "प्रेरित" बताते हुए खारिज कर दिया। एसएम महबूबुल आलम ने भारत के विभिन्न पक्षों से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दों पर भ्रामक बातें फैलाने से बचने का भी आग्रह किया।  
 

महबूब आलम ने कहा, "हम भारत में मुस्लिम और ईसाई सहित विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ की गई क्रूर हत्याओं, मॉब लिंचिंग, मनमानी गिरफ्तारियों और धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालने की घटनाओं से बहुत चिंतित हैं। जैसा कि आपने बताया, इस महीने की शुरुआत में, ओडिशा में एक मुस्लिम युवक, ज्वेल राणा की क्रूर हत्या हुई थी; बिहार में मोहम्मद अजहर हुसैन की क्रूर हत्या; बांग्लादेशी होने के संदेह में केरल में एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या; और अलग-अलग जगहों पर मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ मॉब लिंचिंग और हिंसा की घटनाएं हुईं।"


उन्होंने आगे कहा, "बांग्लादेश भी पिछले हफ्ते क्रिसमस सेलिब्रेशन के दौरान पूरे भारत में ईसाइयों के खिलाफ भीड़ द्वारा की गई हिंसा की घटनाओं से बहुत चिंतित है। हम इन घटनाओं को साफ तौर पर खारिज करते हैं और इन्हें नफरत भरे अपराध और टारगेटेड हिंसा मानते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भारत में संबंधित अधिकारी इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच करेंगे और दोषियों को सजा दिलाएंगे। हमारा मानना है कि अपने अल्पसंख्यक समुदायों की गरिमा की रक्षा करना और उसे बनाए रखना हर देश की जिम्मेदारी है, और हर देश को इस जिम्मेदारी को पूरा करना चाहिए।"