सड़क सुरक्षा में बरेली बना प्रदेश का सिरमौर, दुर्घटनाओं में 26.8% की कमी, सख्त प्रवर्तन और रणनीति से पाया पहला स्थान
-रमेश कुमार सिंह- बरेली। लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं सरकार और समाज दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। इन्हीं दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह के साथ-साथ व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस क्रम में बरेली मंडल में पुलिस, प्रशासन और यातायात विभाग ने जिस गंभीरता और समन्वय के साथ कार्य किया, उसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के मामले में बरेली जिला प्रथम स्थान पर रहा है।
मंडल स्तरीय समीक्षा में सामने आए आंकड़े
बरेली मंडल के आयुक्त द्वारा मंडल के सभी जिलों की समीक्षा की गई। संभागीय परिवहन कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 महीनों में जहां पीलीभीत में 16.6%, बदायूं में 34.3% और शाहजहांपुर में 30.5% सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई, वहीं बरेली जिले में 26.8% की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह उपलब्धि प्रदेश स्तर पर बरेली को अग्रणी बनाती है।
लाइसेंस निलंबन और चालान में सख्ती
पिछले 10 महीनों के दौरान यातायात पुलिस ने शाहजहांपुर में 190, पीलीभीत में 157, बदायूं में 140 और बरेली में 248 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए। वहीं 1 जनवरी 2025 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच बरेली में 3,79,077, बदायूं में 20,550, पीलीभीत में 15,795 और शाहजहांपुर में 70,615 चालान किए गए।
ये चालान मुख्य रूप से हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने जैसे यातायात नियमों के उल्लंघन पर किए गए।
आयुक्त ने की बरेली यातायात पुलिस की सराहना
बरेली मंडल के आयुक्त बी एस चौधरी ने बरेली यातायात पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के अधिकारी बरेली की कार्यपद्धति का अनुसरण करें और आपसी समन्वय से दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में कार्य करें।
रणनीति और 24 घंटे की निगरानी बनी सफलता की कुंजी
बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक यातायात मोहम्मद अकमल खान ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में एक ठोस रणनीति तैयार की गई। दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों का गहन अध्ययन कर रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों, शराब पीकर वाहन चलाने वालों और रोड इंजीनियरिंग की खामियों पर विशेष रूप से अंकुश लगाया गया।
जिले की चारों दिशाओं में 17 थानों की 22 टीमों ने चिन्हित एक्सीडेंट जोन पर लगातार कार्य किया। यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस ने 24 घंटे प्रवर्तन सुनिश्चित किया।
श्री खान ने बताया कि पूर्व वर्षों में बरेली में सर्वाधिक दुर्घटनाएं नेशनल हाईवे और नैनीताल रोड पर होती थीं। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर विशेष कार्ययोजना लागू की गई, जिससे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
आयुक्त बी.एस. चौधरी ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। बरेली यातायात पुलिस द्वारा अपनाए गए मॉडल को अन्य जिलों में भी लागू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।