भाई दूज पर बहनों ने किया भाइयों का टीका, श्री चित्रगुप्त पूजा का भी उल्लास, दीपोत्सव का समापन
आगरा। पांच दिवसीय दीपोत्सव का समापन आज भाई दूज के साथ होने जा रहा है। भाई दूज हर्षोल्लास और परंपरागत रूप से मनाई जा रही है। शहर से लेकर गांवों तक हर घर में बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर दीर्घायु और समृद्धि की कामना की। सुबह से ही शहरभर में भाई-बहनों की मुलाकातों का दौर, रेलवे-बस स्टेशनों पर भीड़, जेल में बंद कैदियों से मिलने आई बहनों की कतारें और कायस्थ परिवारों में भगवान चित्रगुप्त जी की आराधना ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया।
आज का दिन मिष्ठान्न विक्रेताओं का था। भाई दूज का मुहूर्त सुबह से ही शुरू होने के कारण अधिकांश बड़े मिठाई शोरूम और गली मोहल्लों की हलवाइयों की दुकानें भी जल्दी खुल गई थीं। मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ नजर आई।
मथुरा के विश्राम घाट पर आज भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मान्यता है कि भाई दूज पर यमुना में बहन के साथ स्नान करने से भाई को यम के भय से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था को जीते हुए हजारों भाई-बहन घाट पर यमुना स्नान के लिए पहुंचे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की। सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को सुरक्षित तरीके से स्नान कराने की व्यवस्था बनाई।
भाई दूज के दिन आगरा जिला जेल का दृश्य भावनाओं से भरा रहा। सुबह से ही सैकड़ों बहनें अपने बंदी भाइयों को तिलक लगाने और राखी के बाद का यह दूसरा स्नेह पर्व मनाने पहुंचीं। हाथों में पूजा की थाली, मिठाई और फूल लिए बहनें घंटों कतारों में खड़ी रहीं। जेल प्रशासन की ओर से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।
जेल अधीक्षक ने बताया कि भाई दूज के अवसर पर बंदियों को बहनों से मिलने की विशेष अनुमति दी गई थी। सभी की पहचान और सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। भाइयों से मिलते ही बहनों की आंखों से खुशी और आंसू एक साथ झर पड़े। कई महीनों बाद मुलाकात ने भावनाओं को चरम पर पहुंचा दिया।
आगरा जिला जेल के अलावा सेंट्रल जेल का वातावरण भी आज पूर्णतः पारिवारिक और भावनात्मक बना रहा। यहां भी बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों का करने के लिए पहुंची हुई थीं। दोनों जेलों के प्रशासन ने त्योहार के लिहाज से अच्छी व्यवस्थाएं कर रखी थीं।
रेलवे और बस स्टेशनों पर दिखी भारी भीड़
भाई दूज के अवसर पर शहर के रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी बस अड्डे पर सुबह से ही यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। दिल्ली, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस और फिरोजाबाद जाने वाली अधिकांश बसें और ट्रेनें पूरा दिन फुल रहीं।
कई यात्रियों को टिकट न मिलने पर जनरल कोच और बस की छत तक सफर करते देखा गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को सामान्य दिनों की तुलना में 40% अधिक यात्री संख्या दर्ज की गई। त्योहार के कारण बस अड्डों पर भी यातायात पुलिस और रोडवेज कर्मियों को अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाया गया था।
कायस्थ समाज ने की भगवान चित्रगुप्त जी की पूजा
भाई दूज का दिन कायस्थ समाज के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन भगवान चित्रगुप्त जी सृष्टि के लेखा-जोखा रखने वाले देवता की पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
शहर के चित्रगुप्त मंदिरों, कायस्थ सभा भवनों और घर-घर में चित्रगुप्त पूजा हुई। शहर के भोगीपुरा, ताजगंज, बल्काबस्ती सहित अन्य स्थानों पर स्थित चित्रगुप्त मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। जहां पूजन के बाद सामूहिक भंडारे का आयोजन भी हुआ। पंडितों ने बताया कि भाई दूज के दिन चित्रगुप्त जी की आराधना से बुद्धि, लेखनी और पारिवारिक सौहार्द का आशीर्वाद मिलता है।