2036 ओलिंपिक मेजबानी की बोली पर रोक, भारत ने कर ऱखी है दावेदारी
लौजान। अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) की नई अध्यक्ष क्रिस्टी कॉवेंट्री ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी को लेकर चल रही बिडिंग प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। यह निर्णय उनकी पहली कार्यकारी बोर्ड बैठक के बाद लिया गया, जिसमें सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस प्रक्रिया की समीक्षा करने और सुधार की आवश्यकता जताई। इसके लिए एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया जाएगा जो बिडिंग की पारदर्शिता और भागीदारी को लेकर सुझाव देगा।
-अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति की अध्यक्ष क्रिस्टी कॉवेंट्री ने कहा- वर्किंग ग्रुप करेगा समीक्षा
नई अध्यक्ष का नया दृष्टिकोण
क्रिस्टी कॉवेंट्री, जो ज़िम्बाब्वे की ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता रही हैं, पहली महिला और पहली अफ्रीकी आईओसी अध्यक्ष बनी हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम एक ऐसी प्रक्रिया बनाना चाहते हैं जो सभी सदस्यों को प्रतिनिधित्व दे और लॉस एंजेलिस, फ्रेंच अल्प्स और ब्रिसबेन जैसे आयोजनों से मिले अनुभवों का उपयोग करके होस्ट चयन की प्रणाली को और मजबूत करे।
भारत ने पिछले साल की थी दावेदारी
भारत सरकार ने अक्टूबर 2024 में आईओसी को एक औपचारिक पत्र भेजकर 2036 ओलिंपिक की मेजबानी में रुचि दिखाई थी। इसके बाद भारत को एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। आयोजनों के लिए भारत के संभावित शहरों में अहमदाबाद, दिल्ली, वाराणसी, मुंबई, और भुवनेश्वर जैसे नामों की चर्चा थी। लेकिन अब बिडिंग प्रक्रिया के ठहराव से भारत को इंतजार करना पड़ेगा।
यह रहेगी वर्किंग ग्रुप की भूमिका
आईओसी द्वारा गठित वर्किंग ग्रुप होस्ट चयन प्रक्रिया का पुनर्मूल्यांकन करेगा। साथ ही सदस्य देशों की भागीदारी बढ़ाने, पिछली सफल मेजबान परियोजनाओं से सीख लेने, भविष्य के लिए अधिक पारदर्शी और सहभागी मॉडल तैयार करने तथा नए बिडिंग टाइमलाइन और मापदंड निर्धारित करने जैसे काम करेगा। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, जिससे भारत को ओलिंपिक 2036 की संभावित मेजबानी के लिए अब इंतजार करना होगा।
भारत की ओर से लंबे समय से ओलिंपिक जैसे बड़े आयोजन की मेजबानी का प्रयास हो रहा था। चाहे 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स हों या 2023 का G20 शिखर सम्मेलन, भारत वैश्विक मंच पर आयोजक के रूप में मजबूत हुआ है।