गुजरात में बड़ा अग्निकांड! चलती एंबुलेंस में लगी आग, एक दिन के मासूम, पिता और डॉक्टर समेत चार लोग जिंदा जले

गुजरात में चलती एम्बुलेंस में भीषण आग लगने से डॉक्टर, नर्स, बच्चे के पिता और नवजात समेत चार लोग जिंदा झुलस गए। ड्राइवर और एक रिश्तेदार को बचा लिया गया है। उनका इलाज चल रहा है।

Nov 18, 2025 - 11:57
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गुजरात में बड़ा अग्निकांड! चलती एंबुलेंस में लगी आग, एक दिन के मासूम, पिता और डॉक्टर समेत चार लोग जिंदा जले


अहमदाबाद। गुजरात के अरवल्ली जिले में सोमवार (17 नवंबर) देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मोडासा के राणासैयद चौराहे के पास एक चलती एम्बुलेंस में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में एम्बुलेंस में सवार डॉक्टर, नर्स, बच्चे के पिता और नवजात शिशु जिंदा जल गए। उन्हें वाहन से निकलने का मौका नहीं मिला। उन्हें बचाया नहीं जा सका।
 
घटना के समय अहमदाबाद के ऑरेंज हॉस्पिटल की यह एम्बुलेंस एक दिन के नवजात शिशु को प्रसव के बाद आगे के उपचार के लिए अहमदाबाद ले जा रही थी। एंबुलेंस मोडासा से गुजर रही थी, तभी अचानक वाहन में तेज आग भड़क उठी। चालक और आगे बैठे बच्चे के एक रिश्तेदार को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, लेकिन पीछे का हिस्सा आग की लपटों में घिर गया, जिससे बाकी लोग बाहर नहीं निकल सके।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने तुरंत हादसे की सूचना मोडासा नगरपालिका की फायर ब्रिगेड को दी। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.।वहीं, स्थानीय पुलिस ने दो अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। इस भयावह घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एम्बुलेंस को पेट्रोल पंप के पास जलते हुए देखा जा सकता है।

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान भी हो गई है। नर्स भाविकाबेन रमणभाई मनात (उम्र 22 वर्ष) और डॉक्टर राज शांतिलाल रेंटिया (उम्र 35 वर्ष), जो मूल रूप से हिम्मतनगर के चिठोड़ा गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल में कार्यरत थे, आग में झुलसकर मौत का शिकार हो गए। नवजात शिशु भी आग से नहीं बच सका, जबकि बच्चे के पिता भी गंभीर रूप से जख्मी  हो गए, जिनकी बाद में मौत हो गई। 

स्थानीय पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक अनुमान है कि एम्बुलेंस में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

मोडासा जैसे शांत इलाके में हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। लोगों में एम्बुलेंस जैसी जीवनरक्षक सेवा की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार और अस्पताल स्टाफ का रो-रोकर बुरा हाल है। यह घटना एक दर्दनाक याद बनकर रह गई है कि कभी-कभी जिंदगी बचाने के लिए चल रहे वाहन ही मौत का कारण बन जाते हैं।