आजम खान को बहुत बड़ी राहत, आरएसएस को बदनाम करने संबंधी केस में बरी
आजम खान को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक मामले में लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट से बरी कर दिया गया है। आजम खान ने कोर्ट के आदेश का शुक्रिया किया।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को धीरे-धीरे राहत मिलनी शुरू हो गई है। इस बीच आजम खान से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक, आजम खान को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। सपा नेता आजम खान को लखनऊ एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बदनाम करने के केस में उन्हें बरी किया है। बताया जा रहा है कि यह मुकदमा 2019 में हजरतगंज कोतवाली में दर्ज हुआ था।
कोर्ट का फैसला आने के बाद आजम खान ने कहा कि फैसला जो आया है, वो सभी जानते हैं, लेकिन बहुत ही ईमान वाला फैसला आया है। जज साहब को दुआ दे सकता हूं, उनका शुक्रिया अदा कर सकता हूं। आजम खान ने कहा कि कोर्ट से ही उम्मीद बची है। उन्होंने कहा कि सभी ने लॉ एन्ड आर्डर के बारे में पूछा था, मैं बस इतना कहना चाहूंगा, लॉ जस्टिस की शक्ल में कायम रहे, जैसा आज हुआ है।
कोर्ट के फैसले पर आजम खान ने कहा कि कमजोरों को बहुत उम्मीद बंध जाएगी। सैकड़ों मुकदमे हैं, मेरी पत्नी, बेटे, मरी हुई मां, बहन समेत तमाम लोगों पर मुकदमे हैं। अभी भी लोग जेल में हैं। वहीं, आजम खान ने शायराना अंदाज में कहा कि हम खून की किश्तें कई दे चुके हैं, लेकिन ए आके वतन कर्ज अदा क्यों नहीं होता है। उम्मीद पर दुनिया कायम है। इस बार भी साथ मैं अटैची लेकर आया था। पिछली बार 7 साल की सजा हुई थी, तब उम्मीद नहीं थी कि सजा हो जाएगी, क्योंकि सजा की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन जेल जाना पड़ा।
फरवरी 2019 में सामाजिक कार्यकर्ता अल्लामा जमीर नकवी ने हजरतगंज कोतवाली में आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि वर्ष 2014 में जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब आजम खान के सरकारी लेटरपैड पर 6 पत्र जारी किए गए थे, जिनमें आरएसएस, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद और उनके निजी सचिव इमरान नकवी के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें लिखी गई थीं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरएसएस को बदनाम करने की साजिश में उस समय के शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी भी शामिल थे।