बिहार की एसआईआर प्रक्रिया अस्पष्ट और संस्था के अहंकार से भरी- सिंघवी

नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर इंडिया ब्लॉक के विपक्षी राजनीतिक दलों ने रविवार (27 जुलाई, 2025) को भारतीय चुनाव आयोग पर तीखा निशाना साधा। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर बिहार में मतदाता सूची के मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में जारी एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह से अस्पष्ट, गलत आकंड़ों और संस्था के अहंकार से भरी हुई है।

Jul 27, 2025 - 20:51
Jul 27, 2025 - 21:07
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बिहार की एसआईआर प्रक्रिया अस्पष्ट और संस्था के अहंकार से भरी- सिंघवी

वहीं, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के तहत जारी आंकड़ों को हवाला देते हुए इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की है। सिंघवी ने कहा, “चुनाव आयोग के प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 63 लाख से ज्यादा मतदाताओं का पता नहीं चल पाया है, जिसमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से बिहार छोड़कर जाने वालेेो और अन्य कारण शामिल हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को तुरंत रोका जाना चाहिए।”

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “बिहार में चुनाव आयोग की ओर से जारी इस प्रक्रिया से सिर्फ इंडिया ब्लॉक के मतदाता प्रभावित नहीं है, बल्कि इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से जुड़े मतदाता भी प्रभावित हैं।” उन्होंने इस मामले को स्पष्ट रूप से लोगों के सामने ले जाने की बात कही।

सांसद ने कहा, “यह पूरी प्रक्रिया संस्थागत अहंकार से भरी है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से अस्पष्ट और कई तरह के गलतियों से भरा है। यह किसी भी तरह से मतदाता सूची में सुधार के लिए की जा रही प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सत्यापन के नाम पर इस प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं का नाम सूची से निकाला जा रहा हैॉ।”

वहीं, राज्यसभा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने कहा कि अस्पष्टता चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली की पहचान बन गई है। बिहार की मतदाता सूची से 63 लाख मतदाताओं के नाम काटने पर विचार किया जा रहा है और यह भी कहा जा रहा है कि इसमें और भी मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकते हैं तो यह तो पूरी तरह से लोगों को उनके वोट करने के अधिकार को छीनने का काम किया जा रहा है।”