2027 मिशन की तैयारी में जुटी बसपा: संगठन को 2007 जैसी ताकत देने की रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने चुपचाप लेकिन रणनीतिक स्तर पर अपने संगठन को 2007 जैसी मजबूती देने की मुहिम शुरू कर दी है। पार्टी सुप्रीमो मायावती स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रही हैं और संगठन के पुनर्गठन से लेकर ज़मीनी कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने तक की कमान अपने हाथ में ले रखी है।

May 30, 2025 - 20:53
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2027 मिशन की तैयारी में जुटी बसपा: संगठन को 2007 जैसी ताकत देने की रणनीति

-भाईचारा कमेटियों की पुनर्बहाली के साथ ही संगठन के हर कील-कांटे को दुरुस्त किया जा रहा

बूथ से लेकर विधानसभा तक संगठन में नई जान

बसपा ने प्रदेश में बूथ कमेटियों, सेक्टर कमेटियों और विधानसभा स्तरीय कमेटियों के पुनर्गठन का कार्य तेज़ कर दिया है। इन इकाइयों को न केवल पुनर्गठित किया जा रहा है, बल्कि उनमें नए जोश के साथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी सुनिश्चित की जा रही है। पार्टी कोआर्डिनेटर्स संगठन की मजबूती के साथ-साथ अपने-अपने सामाजिक आधार वाले वर्गों को दोबारा पार्टी से जोड़ने के अभियान में भी जुटे हैं।

भाईचारा कमेटियों को फिर से सक्रिय करने की कोशिश

2007 में मिली सत्ता में बसपा की भाईचारा कमेटियों की निर्णायक भूमिका रही थी। अब एक बार फिर इन कमेटियों को नये सिरे से पुनर्जीवित किया जा रहा है। सामाजिक समीकरणों को मज़बूत करने और ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम, पिछड़ा वर्ग समेत अन्य समुदायों को साथ लाने के लिए भाईचारा कमेटियों को केंद्र में रखा गया है।

निष्ठावान नेताओं की वापसी का रास्ता खुला

पार्टी प्रमुख मायावती ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वे उन नेताओं और कार्यकर्ताओं की वापसी हो सकती है, जिन्हें किन्हीं कारणों से पहले बाहर किया गया था, लेकिन जिन्होंने बसपा के प्रति अपनी निष्ठा कभी नहीं छोड़ी और किसी अन्य राजनीतिक दल में नहीं गए। माना जा रहा है कि ऐसे नेताओं की वापसी से पार्टी का पुराना सांगठनिक ढांचा फिर से जीवंत हो सकता है।

2027 की रणनीति का मौन संचालन

बसपा की यह पूरी गतिविधि फिलहाल गुप्त और चरणबद्ध ढंग से चल रही है। लक्ष्य है 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश में वही सशक्त सांगठनिक उपस्थिति कायम करना, जो 2007 में सत्ता दिलाने में मददगार साबित हुई थी। मायावती खुद इन फैसलों को अंतिम रूप दे रही हैं और उनकी कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी ज़मीनी स्तर के कोआर्डिनेटर्स के कंधों पर है।

SP_Singh AURGURU Editor