बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को ‘पीछे के दरवाजे’ से बड़ी छूट, एनआरआई और छोटे एसेट्स वालों की मौज, विदेश की संपत्ति पर भी राहत

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में भले ही आयकर स्लैब में सीधी राहत न दी हो, लेकिन टैक्स सिस्टम में ऐसे अहम बदलाव कर दिए हैं, जो आम करदाताओं, एनआरआई और विदेश में छोटी संपत्ति रखने वालों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। इन बदलावों से न सिर्फ टैक्स प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि कई मामलों में जेल और कार्रवाई का खतरा भी खत्म हो जाएगा।

Feb 1, 2026 - 13:52
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बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को ‘पीछे के दरवाजे’ से बड़ी छूट, एनआरआई और छोटे एसेट्स वालों की मौज, विदेश की संपत्ति पर भी राहत

इनकम छिपाने पर अब जेल नहीं

बजट के प्रावधानों के तहत अब आय छिपाने से जुड़े कई मामलों में आपराधिक कार्रवाई और जेल की सजा से राहत मिलेगी। सरकार का फोकस अब दंडात्मक कार्रवाई के बजाय टैक्स अनुपालन को आसान और व्यावहारिक बनाने पर है।

आईटीआर संशोधन की समय सीमा बढ़ी

सरकार ने संशोधित आयकर रिटर्न (रिवाइज्ड ITR) दाखिल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। इसके लिए केवल मामूली शुल्क देना होगा।
आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल करने वाले पहले की तरह 31 जुलाई तक रिटर्न भर सकेंगे, जबकि बिना ऑडिट वाले व्यवसाय और ट्रस्ट को अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा। इससे करदाताओं को बिना हड़बड़ी के रिटर्न भरने का अवसर मिलेगा।

अपील के दौरान ब्याज से राहत

यदि किसी करदाता पर जुर्माना लगाया जाता है और वह पहली अपीलीय प्राधिकरण में अपील करता है, तो अपील की अवधि के दौरान लगने वाले ब्याज से उसे छूट मिलेगी, चाहे अपील का नतीजा कुछ भी हो। लंबे समय तक चलने वाली अपीलों में बढ़ने वाला ब्याज अब करदाताओं के लिए बोझ नहीं बनेगा।

एनआरआई के लिए प्रॉपर्टी बेचने की प्रक्रिया आसान

अब एनआरआई को भारत में संपत्ति बेचने के लिए TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। बजट 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, प्रॉपर्टी खरीदने वाला भारतीय नागरिक ही टीडीएस काटेगा और उसे अपने पैन से चालान के जरिए जमा करेगा। इससे एनआरआई के लिए प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन बेहद आसान हो जाएगा।

विदेश में छोटी संपत्ति छिपाने पर भी कार्रवाई नहीं

सरकार ने विदेश में रखी गई छोटी गैर-अचल संपत्ति को लेकर भी बड़ी राहत दी है। जिन लोगों की विदेश में मौजूद संपत्ति की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है और यदि उसका खुलासा रिटर्न में नहीं हुआ है, तो भी उन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। यह नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू माना जाएगा।

SP_Singh AURGURU Editor