गरीबों के खून से कारोबार: बरेली में मानवता को शर्मसार करता गिरोह बेनकाब, चार गिरफ्तार

बरेली में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो गरीबों और नशे के शिकार लोगों को पैसे का लालच देकर उनका खून निकलवाकर ऊंचे दामों में बेचता था। गिरोह में IMA ब्लड बैंक के दो सफाईकर्मी भी शामिल थे। चार आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गए हैं।

Aug 4, 2025 - 19:41
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गरीबों के खून से कारोबार: बरेली में मानवता को शर्मसार करता गिरोह बेनकाब, चार गिरफ्तार
बरेली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये खून के कारोबार के अपराधी। चित्र में पुलिस अधिकारियों भी मौजूद हैं।

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पैसों के लालच में जरूरतमंदों से खून निकलवाकर ऊंचे दामों पर बेचते थे, दो आरोपी आईएमए ब्लड बैंक कर्मचारी

-आरके सिंह-

बरेली। कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात एक खौफनाक गिरोह को गिरफ्तार किया जो शहर के अलग-अलग हिस्सों में मजदूरों, नशे के आदी और लाचार लोगों को 1000-2000 रुपये का लालच देकर ब्लड बैंक ले जाकर फर्जी डोनर बताकर उनका खून निकलवाते थे।

ब्लड बैंक के कर्मचारी भी निकले शामिल

आईएमए ब्लड बैंक के दो सफाई कर्मी अभय (19) और विनीत (25) इस घिनौने धंधे में शामिल पाए गए। ये दोनों पैसे लेकर मरीजों को नकली डोनर उपलब्ध कराते थे। जांच में सामने आया है कि वे जरूरतमंदों को पहचान कर गिरोह से संपर्क करवाते थे।

पकड़े गए अन्य आरोपी और उनकी भूमिका

इस गिरोह का एक सदस्य प्रेमनाथ (50), जूस विक्रेता, मजदूर चौक और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर गरीबों की तलाश करता था। धीरेन्द्र (32), पूर्व कूरियर कर्मचारी भी इसी तरीके से इस अवैध धंधे में जुड़ा। दोनों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है।

पुलिस की सतर्कता से हुआ खुलासा

एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि रात्रि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आईएमए ब्लड बैंक के पास कुछ लोग गरीबों से खून निकलवाने की फिराक में हैं। तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके से चार लोगों को पकड़ लिया।

आईएमएम अध्यक्ष ने कहा- दोषियों पर हो सख्त कार्यवाही

आईएमए अध्यक्ष डॉ. आर.के. सिंह ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई कर्मचारी ब्लड की खरीद-फरोख्त में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ब्लड बैंक की भूमिका की भी जांच जारी है।

फर्जी रिश्तेदार बनाकर निकलवाते थे खून

गिरफ्तार प्रेमनाथ ने बताया कि वह फर्जी रिश्तेदार बनकर खून गरीबों का निकलवाता था और साथियों के जरिए उसे ऊंचे दामों में बेच देता था। वहीं अभय और विनीत ने बताया कि वे ब्लड बैंक में आने वाले जरूरतमंद मरीजों को नकली डोनर के नाम पर यही ब्लड बेचते थे।

कानूनी कार्यवाही और आगे की जांच

आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में धारा 318(2)/272 बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ब्लड बैंक के अन्य कर्मचारी भी इस नेटवर्क में शामिल हैं या नहीं।

कड़ी निगरानी में कार्रवाई को अंजाम

इस गिरोह का पर्दाफाश पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक और क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम आशुतोष शिवम के निर्देशन में हुआ। टीम में उप निरीक्षक नितिन राणा, हेड कांस्टेबल रवाब मियां, जसवीर और कांस्टेबल निखिल कुमार शामिल रहे।

SP_Singh AURGURU Editor