सी. पी. राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के सभापति का कार्यभार भी संभाला
सी. पी. राधाकृष्णन ने 15वें उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली और राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार ग्रहण किया। राधाकृष्णन ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, जहां कई हस्तियों ने उनका स्वागत किया।
नई दिल्ली। सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने आज ही उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें उपाष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। राधाकृष्णन ने संसद भवन परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की, जहां राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनका स्वागत किया। प्रेरणा स्थल पर भारत के प्रख्यात नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और समाज सुधारकों की मूर्तियां स्थापित हैं।
बाद में, वह राज्यसभा के सभापति के कार्यालय गए और उच्च सदन के पीठासीन अधिकारी का कार्यभार ग्रहण करने के संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उपराष्ट्रपति, राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर घोषणा की कि राधाकृष्णन 12 सितंबर को उपराष्ट्रपति के पद पर आसीन हो गए हैं।
एनडीए के प्रत्याशी राधाकृष्णन ने यूपीए उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति के चुनाव में हराया था। राधाकृष्णन को 452 और रेड्डी को 300 वोट मिले। राधाकृष्णन 5 बार कोयंबटूर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इसमें उन्हें दो बार जीत मिली। उन्होंने पिछला चुनाव साल 2019 में लड़ा था, जिसमें उन्हें हार मिली थी। राधाकृष्णन के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है।
जब उन्होंने साल 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था तो उन्होंने हलफनामा पेश किया था। हलफनामे के अनुसार राधाकृष्णन की संपत्ति 67 करोड़ रुपये से ज्यादा है। लेकिन उनके चुनाव के हलफनामे से पता चलता है कि उनके पास कोई अपना वाहन नहीं है। उनके पास न तो कार है और न ही बाइक।