बरेली जंक्शन जीआरपी थाने में गोलियां चलने के मामले को दो दिन तक दबाए रखा गया था
-आरके सिंह- बरेली। जीआरपी थाने में बीते मंगलवार की रत पिस्टल से चली गोली की घटना ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। इस घटना में इंस्पेक्टर परवेज अली खान और एक सिपाही घायल हो गए थे। दो दिन तक घटना दबाए रखने के बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो तत्परता से कार्यवाही भी हुई। कार्यवाहक एसपी जीआरपी लखनऊ रोहित मिश्रा ने थाना प्रभारी और तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। जांच गाजियाबाद के जीआरपी सीओ को सौंपी गई है।
-इस गोलीकांड में इंस्पेक्टर और सिपाही घायल हुए थे, अधिकारियों ने चार पुलिसकर्मी किए हैं निलंबित
गोली चलने की घटना के बाद घायल इंस्पेक्टर और सिपाही का उपचार कराया गया। खास बात यह रही कि पूरे मामले की जानकारी दो दिन तक अधिकारियों को नहीं दी गई। गुरुवार को मीडिया में मामला सामने आने पर कार्यवाहक एसपी जीआरपी लखनऊ रोहित मिश्रा ने जांच की और लापरवाही बरतने पर प्रभारी निरीक्षक परवेज अली खान, सिपाही मनोज कुमार, मोनू कुमार और छोटू कुमार को निलंबित कर दिया।
मंगलवार शाम थाने में दो सिपाहियों को ट्रेन स्कॉर्ट ड्यूटी के लिए पिस्टल और मैगजीन मुंशी द्वारा दी गई थी। पिस्टल चेक करते समय सिपाही छोटू कुमार की पिस्टल की स्लाइड पीछे की ओर फंस गई। उसे आगे करने के दौरान धोखे से गोली चल गई। गोली की आवाज सुनकर इंस्पेक्टर परवेज अली खान मौके पर पहुंचे और जानकारी ली।
इसी बीच सिपाही मनोज कुमार ने दूसरी पिस्टल का हैमर चढ़ा होने की बात कही। इसके बाद सिपाही मोनू कुमार ने खाली स्थान से उंगली डालकर हैमर उतारने का प्रयास किया तो अचानक फायर हो गया। पिस्टल से निकली गोली कंप्यूटर के सीपीयू से टकराई और उछलकर इंस्पेक्टर परवेज अली एवं वहीं पास खड़े एक सिपाही को जा लगी, जिससे दोनों घायल हो गये। घायल इंस्पेक्टर और सिपाही का उपचार कराया गया।