हजारों नम आंखों के बीच अंतिम सफर पर निकले छोटेलाल वर्मा, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
फतेहाबाद से भाजपा विधायक और चार बार के विधायक छोटेलाल वर्मा का 73 वर्ष की उम्र में नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। कई दिनों से बुखार से पीड़ित छोटेलाल वर्मा की 22 सितंबर को आगरा में तबीयत बिगड़ी थी। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर आगरा स्थित आवास पहुंचा, जहां समर्थकों और भाजपा नेताओं की भीड़ जुटी रही। सुबह 11 बजे अंतिम यात्रा पैतृक गांव नगला देवहंस के लिए रवाना होगी, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। 1993 में भाजपा से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले वर्मा चार बार विधायक रहे और 2022 में भाजपा के टिकट पर चौथी बार विधानसभा पहुंचे थे।
आगरा। फतेहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा का गुरुवार देर शाम निधन हो गया था। रात से ही विधायक के निधन की खबर मिलते ही आगरा और फतेहाबाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और परिचितों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया था। आज सुबह उनका पार्थिव शरीर आगरा स्थित आवास पर पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। परिजनों के मुताबिक आज अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव नगला देवहंस के लिए रवाना हुई। वहीं उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
73 वर्षीय विधायक ने नोएडा के यथार्थ अस्पताल में रात करीब 8:30 बजे अंतिम सांस ली। वह पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर 22 सितंबर को उन्हें आगरा के राजपुर चुंगी स्थित उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हालत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
चार बार विधायक बने छोटेलाल वर्मा
छोटेलाल वर्मा का राजनीतिक जीवन करीब तीन दशक लंबा रहा। उन्होंने वर्ष 1993 में भाजपा के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की और पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद वर्ष 2002 में वह दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा और चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2012 में उन्होंने फिर राजनीतिक पाला बदला और बसपा के टिकट पर फतेहाबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज कर विधानसभा में वापसी की। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले छोटेलाल वर्मा एक बार फिर भाजपा में लौट आए। भाजपा के टिकट पर उन्होंने फतेहाबाद से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर चौथी बार विधानसभा पहुंचे। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा कार्यकाल में वह फतेहाबाद का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
पिछड़े और कमजोर वर्गों में थी पकड़
छोटेलाल वर्मा की पहचान फतेहाबाद क्षेत्र में जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही। वह मल्लाह (निषाद) समाज से आते थे और अपनी विधानसभा में पिछड़े तथा कमजोर वर्गों के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी। राजनीति के साथ वह खेती और पेट्रोल पंप के कारोबार से भी जुड़े रहे। लगातार क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहने के कारण उनके समर्थकों का मजबूत आधार बना हुआ था। उनके निधन की खबर के बाद फतेहाबाद सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी शोक का माहौल है।
जूते चोरी होने की घटना से भी चर्चा में आए थे विधायक
अप्रैल 2022 में छोटेलाल वर्मा उस समय भी चर्चा में आए थे, जब शमशाबाद क्षेत्र के धिमश्री में सती मेले के उद्घाटन के दौरान उनके जूते चोरी हो गए थे। कार्यक्रम के बाद वह मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे और जूते बाहर उतार दिए थे। दर्शन के बाद लौटे तो जूते गायब मिले। आसपास मौजूद लोगों ने जूते तलाशने की कोशिश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। इसके बाद विधायक को नंगे पैर ही अपनी गाड़ी तक जाना पड़ा। घटना पर उन्होंने इसे लेकर नाराजगी जताने के बजाय कहा था कि संभव है कोई गरीब व्यक्ति, जिसके पास जूते नहीं होंगे, उनके जूते पहनकर चला गया हो। उन्होंने मां सती से उस व्यक्ति के खुशहाल रहने की कामना भी की थी। उनका यह बयान उस समय चर्चा का विषय बना था।
मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने जताया शोक
छोटेलाल वर्मा के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में विधायक के निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए दिवंगत आत्मा की सद्गति और शोकाकुल परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी विधायक के निधन पर दुख जताया और बताया कि उन्होंने उनके परिजनों से बातचीत कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के चरणों में स्थान मिलने की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि जनसेवा के प्रति छोटेलाल वर्मा का समर्पण और अपने क्षेत्र की जनता के हितों के लिए उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
फतेहाबाद सीट हुई रिक्त
छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद फतेहाबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इसके साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा में रिक्त विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इससे पहले 2 सितंबर को बुलंदशहर की शिकारपुर सीट से भाजपा विधायक और पूर्व राज्य मंत्री अनिल शर्मा का निधन हुआ था। वहीं 5 अगस्त को बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह, 23 जुलाई को आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से सपा विधायक आलमबदी आजमी, जनवरी में सोनभद्र की दुद्धी सीट से सपा विधायक विजय सिंह गोंड और बरेली की फरीदपुर सीट से भाजपा विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल का निधन हुआ था। पिछले वर्ष मऊ की घोसी सीट से सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन हुआ था। विधानसभा के कार्यकाल में छह महीने से कम समय शेष रहने की स्थिति में इन रिक्त सीटों पर उपचुनाव नहीं कराया जाना है। इस लिहाज से छोटेलाल वर्मा के निधन के साथ फतेहाबाद विधानसभा भी वर्तमान विधानसभा कार्यकाल में रिक्त सीटों की सूची में शामिल हो गई है।