सीएम योगी का तंज- पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी, इन्होंने विपक्ष को बनाया कूप मंडूक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल (2017-2025) की उपलब्धियों का ब्योरा पेश करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1947 से 2017 तक विपक्षी शासनकाल की तुलना करते हुए उसे नीतिगत उदासीनता, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का शिकार बताया। विपक्षी दलों के ‘पीडीए’ नारे पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने इसे 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' करार दिया और कहा कि उनकी सीमित सोच 'कूप मंडूप दर्शन' की तरह है।
समावेशी विकास ही यूपी और भारत की असली पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास हर विधानसभा क्षेत्र में होना चाहिए और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के सभी तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया, जिससे यूपी का सुशासन मॉडल तैयार हुआ।
बीमारू राज्य से कायाकल्प तक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1960 के बाद से उत्तर प्रदेश लगातार गिरावट की ओर बढ़ा। विशाल संसाधनों के बावजूद राज्य नीतिगत उदासीनता का शिकार था। रोजगार, कृषि, उद्योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमी, अपराध, अराजकता और भ्रष्टाचार ने राज्य को पीछे धकेल दिया।
2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत की, निवेश और उद्योग के अनुकूल माहौल बनाया। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की और योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचाया।
आर्थिक और सामाजिक प्रगति के आंकड़े
सीएम योगी ने कहा कि यूपी की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये (2016-17) से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान।
राष्ट्रीय जीडीपी में यूपी का योगदान 8% से 9.5%।
प्रति व्यक्ति आय 43,000 रुपये से बढ़कर 1,20,000 रुपये।
निर्यात 84,000 करोड़ रुपये से 1,86,000 करोड़ रुपये।
बजट 3 लाख करोड़ रुपये से 8 लाख करोड़ रुपये।
डिजिटल लेनदेन 122 करोड़ रुपये से 1,400 करोड़ रुपये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी बीमारू राज्य से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बनने की दिशा में अग्रसर है।
भारत की वैश्विक प्रगति में यूपी का योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में भारत दुनिया की छठी अर्थव्यवस्था था, जो 1980 तक 11वें स्थान पर पहुंच गई। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने तेजी से प्रगति की, और आज भारत अपनी सामर्थ्य और शक्ति का परिचय दुनिया को दे रहा है।
देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का नेतृत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में देश की 16% आबादी रहती है। 2016-17 तक राष्ट्रीय जीडीपी में इसका योगदान घटकर 8% रह गया था, लेकिन अब राज्य ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर विकास दर हासिल की। निवेशकों का भरोसा, रोजगार, किसानों की राहत और बेहतर नागरिक सुविधाएं यूपी की नई पहचान हैं। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि वे विकास को गति देने के लिए एकजुट होकर काम करें।