होटल में निवेश का झांसा देकर 20 लाख हड़पे, दंपत्ति पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
होटल गायत्री रेजीडेंसी में निवेश के नाम पर 20 लाख रुपये लेने का आरोप। अरुण कुमार राय और मीनाक्षी राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज। पीड़िता का दावा, दो वर्षों में बैंक के माध्यम से दी गई थी रकम। पैसे वापस मांगने पर धमकी और अभद्र व्यवहार का आरोप। होटल संपत्ति को अन्य लोगों के नाम बेचने की तैयारी की भी शिकायत। पुलिस ने वित्तीय लेनदेन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की।
लाभ सहित रकम लौटाने का दिया था भरोसा, पैसे मांगने पर धमकी और अभद्रता का आरोप, होटल संपत्ति बेचने की तैयारी की भी शिकायत
आगरा। होटल व्यवसाय में निवेश के नाम पर 20 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस न करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अरुण कुमार राय और उनकी पत्नी मीनाक्षी राय के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, धमकी देने और अभद्र व्यवहार करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता प्रिया उपाध्याय का आरोप है कि आरोपित दंपती ने होटल गायत्री रेजीडेंसी से जुड़े व्यवसाय में निवेश कराने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि निवेश की गई राशि निर्धारित समय के बाद लाभ सहित वापस कर दी जाएगी। इसी विश्वास के आधार पर पिछले लगभग दो वर्षों के दौरान अलग-अलग तिथियों में बैंकिंग माध्यम से कुल 20 लाख रुपये आरोपितों को दिए गए।शिकायत के अनुसार, तय अवधि बीतने के बावजूद न तो निवेश की राशि लौटाई गई और न ही किसी प्रकार का लाभ दिया गया। जब प्रिया उपाध्याय ने बार-बार अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपित टालमटोल करते रहे। आरोप है कि बाद में उन्होंने बातचीत का तरीका भी बदल लिया और पैसे मांगने पर अभद्र व्यवहार करने लगे।
पीड़िता ने अपनी तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि रकम की मांग करने पर उसे जान-माल की धमकियां दी गईं। इसके साथ ही दावा किया गया है कि होटल गायत्री रेजीडेंसी से जुड़ी संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे निवेशकों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है।
शिकायत में डूंगर सिंह और गंगाराम नामक व्यक्तियों का भी उल्लेख किया गया है। पीड़िता का कहना है कि होटल संपत्ति के बिक्री समझौते में इन नामों का जिक्र सामने आया है। इसके अलावा कुछ ऐसे लोगों को गवाह बनाए जाने का आरोप लगाया गया है, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि होने की बात कही गई है।
तहरीर में यह भी आरोप है कि शाहगंज क्षेत्र के एक कुख्यात बदमाश का नाम लेकर उसे डराने और दबाव बनाने का प्रयास किया जाता था, ताकि वह अपनी रकम वापस मांगना बंद कर दे। हालांकि इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह जांच का विषय है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दर्ज कराए गए वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड, होटल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला आर्थिक धोखाधड़ी और निवेश विवाद से जुड़ा होने के कारण पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।