शाहजहांपुर में पुलिस दबिश के बाद दलित की संदिग्ध हालात में मौत, अधिकारियों ने जांच बैठाई
शाहजहांपुर में थाना तिलहर के मौजमपुर गांव में मंगलवार रात पुलिस की दबिश के दौरान एक दलित व्यक्ति सत्यभान की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस पर छत से धक्का देने के आरोप लग रहे हैं।
-राजीव शर्मा-
शाहजहांपुर। थाना तिलहर के अंतर्गत मौजमपुर गांव में पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक दलित व्यक्ति सत्यभान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसे छत से धक्का दिया, जबकि घटना से पहले वायरल हुए एक वीडियो में भी मृतक ने ऐसा होने की बात कही है। पुलिस ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि मृतक की मौत आकस्मिक गिरने से हुई। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को जांच सौंपी गई है।
परिजनों के मुताबिक, सत्यभान का बेटा अभिषेक हत्या के प्रयास के एक मामले में नामजद है। मंगलवार रात पुलिस आरोपी को पकड़ने घर पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ दिया, महिलाओं व पुरुषों के साथ गाली-गलौज की और फिर सत्यभान को छत से नीचे धक्का दे दिया। गंभीर रूप से घायल सत्यभान को पहले तिलहर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बुधवार तड़के करीब 3 बजे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद सत्यभान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह खुद को पुलिस द्वारा छत से धक्का दिए जाने की बात कहते हुए दिख रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद घटना ने राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि पुलिस टीम हत्या के प्रयास के आरोपी को पकड़ने के लिए घर पर गई थी। परिजनों ने बताया कि आरोपी दिल्ली में है, जिसके बाद टीम वहीं चली गई।
एसपी ने कहा, पुलिस द्वारा किसी को धक्का देने या घर में घुसने की बात पूरी तरह गलत है। हमारी टीम घर के बाहर ही रही। फिर भी परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है, और जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को सौंपी गई है, ताकि निष्पक्ष रूप से सच्चाई सामने आ सके।
घटना के बाद मौजमपुर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव में गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।