फतेहपुर सीकरी के डाबर गांव में दंगलः हजारों दर्शकों की मौजूदगी में दमदार दांव-पेंच, 41 हजार की कुश्ती मथुरा के अंकित पहलवान ने बिना लड़े ही जीत ली

-महावीर सिंह वर्मा- फतेहपुर सीकरी। माहुरा पाल के ग्राम डाबर में आयोजित पारंपरिक दंगल मेले ने ग्रामीण खेल संस्कृति का जीवंत और रोमांचक नजारा पेश किया। देर शाम तक चले इस भव्य आयोजन में आसपास के गांवों से लेकर दूर-दराज क्षेत्रों तक से पहुंचे हजारों दर्शकों ने कुश्तियों का भरपूर आनंद लिया। अखाड़े में उतरे पहलवानों के दांव-पेंच, जोश और जुनून ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया।

Apr 8, 2026 - 21:21
Apr 8, 2026 - 21:22
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फतेहपुर सीकरी के डाबर गांव में दंगलः हजारों दर्शकों की मौजूदगी में दमदार दांव-पेंच, 41 हजार की कुश्ती मथुरा के अंकित पहलवान ने बिना लड़े ही जीत ली
फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के डाबर गांव में आयोजित कुश्ती दंगल में दांव-पेंच आजमाते पहलवान।

दंगल की सबसे बड़ी और चर्चित 41,000 रुपये की कुश्ती रही, जिसे मथुरा के अंकित पहलवान ने बिना मुकाबला लड़े ही जीत लिया। यह इनाम ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गुड्डू चाहर, यशपाल चौधरी (पनवारी), भूप इंदौलिया और तेजवीर एडवोकेट द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया द्वारा प्रायोजित 11,000 रुपये की प्रमुख कुश्ती में प्रदीप जारुआ और अरविंद पहलवान (दाऊजी) आमने-सामने आए। इस मुकाबले में प्रदीप जारुआ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की।

इसके अलावा 11,000 रुपये की अन्य कुश्तियों में धम्पू पहलवान (चांदोली) व जनक पहलवान, दीपक पहलवान (चुरारी) व सुरेश पहलवान (सेमरा), बिट्टू पहलवान (मथुरा) व राजेश पहलवान (सैमरा), हैप्पी पहलवान (मथुरा) व गुरदीप पहलवान (गोपालगढ़) तथा अजीत कुमार (कूमरपुर) व राणा पहलवान (अकोला) के बीच जोरदार मुकाबले हुए। सभी मुकाबले कड़ी टक्कर के बाद बराबरी पर छूटे, जिसने दर्शकों का रोमांच और बढ़ा दिया।

सुरेंद्र चौधरी द्वारा 5,100 रुपये की कुश्ती कराई गई, जबकि कान्हा आढ़ती (बीसलपुर) ने भी 5,100 रुपये की कुश्ती आयोजित कराई। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के श्याम वीर माहुरा द्वारा 1,51,000 रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई। साथ ही कई गणमान्य लोगों ने आर्थिक सहयोग देकर दंगल को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

आयोजन को सफल बनाने में वीरपाल सिंह माहुरा, हुकुम सिंह प्रमुख, अशोक कुमार, पाल सिंह गहलोत (प्रधान), रामबाबू पाराशर (प्रधान), उमराव हवलदार, अजीत प्रधान (सिरौली), विजयपाल मास्टर (सराय), ओमी बाबूजी, सत्यवीर प्रधान, सतीश फौजी, पूरनचंद शर्मा और गजेंद्र प्रधान सहित अनेक लोगों का विशेष योगदान रहा।

SP_Singh AURGURU Editor