यूपी में एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा 26 दिसम्बर तक बढ़ाई गई, पांच अन्य राज्यों में भी बढ़ी तिथि
नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की समयसीमा एक बार फिर बढ़ा दी है। सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश को हुआ है, जहां लाखों नए मतदाताओं और नाम सुधार करवाने वालों को अब अतिरिक्त समय मिल गया है। इसके साथ ही तमिलनाडु, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को भी नई डेडलाइन का लाभ दिया गया है।
बता दें कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के लिए सबसे पहले अंतिम तिथि 4 दिसंबर तय की थी। बाद में एक दिसंबर को इसे बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया था, लेकिन कई राज्यों में एसआआईआर का काम पूरा न होने पर अब दूसरी बार छह राज्यों में वेरिफिकेशन की तारीख बढ़ाई गई है।
यूपी में 26 दिसंबर तक बढ़ी तिथि
उत्तर प्रदेश में एसआईआर फॉर्म जमा करने की नई अंतिम तिथि 26 दिसंबर 2025 कर दी गई है। राज्य में ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 31 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगी। चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि फरवरी 2026 तक अंतिम मतदाता सूची बिल्कुल साफ-सुथरी और त्रुटिरहित जारी हो सके।
यूपी के अलावा पांच अन्य राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए भी नई तिथियां घोषित की गई हैं। तमिलनाडु व गुजरात में एसआईआर के लिए संशोधित अंतिम तिथि 14 दिसंबर 2025 तय की गई है। इन दोनों राज्यों में फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया कुछ दिन और बढ़ा दी गई है, ताकि अधिक पात्र मतदाता फॊर्म-6 में आवेदन कर सकें।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में एसआईआर की समयसीमा 18 दिसम्बर तय की गई है। इन इलाकों में आयोग ने स्थानीय जरूरत और देरी को देखते हुए अतिरिक्त अवसर दिया है।
पश्चिम बंगाल, गोवा, राजस्थान और लक्षद्वीप में एसआईआर की समय-सीमा पूर्व निर्धारित तिथियों पर ही लागू रहेगी। इन क्षेत्रों में किसी तरह का नया विस्तार नहीं दिया गया है। दूसरे शब्दों में इन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया आज 11 दिसम्बर को पूर्ण हो गई है।
चुनाव आयोग की नागरिकों से अपील
चुनाव आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से आग्रह किया है कि फॊर्म-6 के तहत नाम जोड़ें। फॊर्म-7 से गलत या मृत मतदाता हटवाएं। फॊर्म-8 के जरिए नाम, पता और अन्य विवरण संशोधित करें, ताकि फरवरी 2026 की अंतिम मतदाता सूची में सभी सही-सही अंकित रहें।