राजस्थान-पंजाब में फैल रहा जानलेवा अफ्रीकन स्वाइन फीवर, सुअरों में 90% तक मौत का खतरा
-आरके सिंह- बरेली। राजस्थान और पंजाब में सुअरों के लिए जानलेवा अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) तेजी से फैल रहा है। राजस्थान के करौली जिले से आए पांच नमूनों में इसकी पुष्टि हुई है। बरेली स्थित भारतीय चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआइ) ने रिपोर्ट संबंधित राज्यों को भेज दी है।
डा. त्रिवेणी दत्त, निदेशक, आईवीआरआइ ने बताया कि पिछले एक माह में जयपुर, करौली (राजस्थान), डाची (हरियाणा) और संगरूर (पंजाब) से एएसएफ के पॉजिटिव केस सामने आए हैं। संस्थान की लैब ने नौ अगस्त को करौली को अंतिम रिपोर्ट भेजी। संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारियों को गाइडलाइन भी उपलब्ध कराई गई हैं।
जुलाई में भी पंजाब और हरियाणा के कुछ नमूनों में स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई थी। विशेषज्ञों ने बताया कि एएसएफ वायरस अत्यंत तेजी से फैलता है। संक्रमित सुअरों को अलग रखना अनिवार्य है, क्योंकि वायरस से 90 प्रतिशत सुअरों की मौत हो जाती है।
इस बीमारी में तेज बुखार, उल्टियां, भूख न लगना, कमजोरी, त्वचा में लालिमा, दस्त और सांस लेने में कठिनाई। यह वायरस केवल पशुओं में फैलता है और मनुष्यों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं है।
डा. दत्त ने बताया कि भारत में एएशएफ के मामले पांच साल पहले सामने आए थे। यह वायरस सीधे पशु संपर्क, दूषित भोजन या कच्चे मांस के माध्यम से फैलता है। संक्रमित पशुओं को अन्य जानवरों में फैलने से रोकने के लिए मार दिया जाता है।
उत्तर प्रदेश में फिलहाल कोई एएशएफ पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है, लेकिन अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।