छह साल से फरार डेवलपर बरेली में गिरफ्तारः करोड़ों की ठगी का आरोप, 25 हज़ार का इनामा घोषित था
आरके सिंह- बरेली। छह साल से फरार चल रहा करोड़ों की ठगी का 25 हजार का इनामी डेवलपर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। प्लॉट देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले आरोपी पवन शर्मा को प्रेमनगर थाना पुलिस ने झुमका चौराहे से गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले छह साल से फरारी काट रहा था और उसके खिलाफ 2019 से ठगी का संगीन मामला दर्ज था।
वर्ष 2019 में प्रेस्टीज इंफ्रा डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड, जिसे बाद में प्रेस्टीजियस सहकारी आवासीय समिति लिमिटेड और प्रतिष्ठा प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड नामों से संचालित किया गया, ने बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में कार्यालय खोलकर सैकड़ों लोगों को प्लॉट देने के नाम पर करोड़ों रुपये जमा करवाए।
लोगों से लगातार किश्तों में रकम ली गई, लेकिन न प्लॉट मिला न पैसा लौटा। धोखाधड़ी उजागर होने पर थाना प्रेमनगर में धारा 420, 409, 504, 506 आईपीसी के तहत पवन शर्मा सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ।
इस धोखाधड़ी प्रकरण में चार आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके थे, लेकिन मुख्य आरोपी पवन शर्मा लगातार फरार रहा। 2 दिसंबर 2025 को एसएसपी बरेली ने उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक की टीम को मंगलवार को बड़ी सफलता मिली जब टीम ने पवन शर्मा को झुमका चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
हैदराबाद में भी कर चुका है 1.10 करोड़ का साइबर फ्रॉड
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पवन शर्मा ने बताया कि वह हैदराबाद में 1 करोड़ 10 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड के केस में भी गिरफ्तार हो चुका है। 2010–11 में बरेली के कृष्णलीला कॉम्प्लेक्स में कंपनी शुरू की थी। स्टाफ में ज्यादातर परिवार और रिश्तेदारी के लोग शामिल थे। लोगों का पैसा इकट्ठा होते ही फरार हो गया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।