भारत के निर्माण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता
आगरा। आगरा कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा डॉ. बी. आर. आंबेडकर एंड द आइडिया ऑफ सोशल जस्टिस विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
आगरा कॉलेज के अंग्रेजी और राजनीति विज्ञान विभाग में आयोजित हुईं संगोष्ठी
दूसरी ओर कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा डॉ. अंबेडकर के राजनीतिक विचार एवं आधुनिक भारत की संकल्पना विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता प्रो. अरुणोदय वाजपेयी ने डॉ. आंबेडकर के सामाजिक न्याय से संबंधित विचारों पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने एजुकेट, एजिटेट , एंड ऑर्गेनाइज सिद्धांत की महत्ता पर बल देते हुए युवाओं को सामाजिक चेतना से युक्त बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. चित्र कुमार गौतम ने की तथा संचालन प्रो. धनंजय कुमार सिंह द्वारा किया गया। विषय प्रवर्तन प्रो. दीपक उपाध्याय और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आभा शर्मा ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रो. शादां जाफरी, प्रो. विवेक भटनागर, डॉ. निखिलेश, डॉ. अमरेश बाबू यादव, डॉ. बीरी सिंह जुरैल, डॉ. एके सिंह, डॉ. प्रभात कुमार यादव व राम प्रकाश पाल सहित अनेक विद्वानों एवं शोधार्थियों की उपस्थिति रही। मीडिया प्रभारी डॉ. गौरव कौशिक सहित अन्य शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।
दूसरी ओर राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सीके गौतम ने की तथा सेमिनार की संयोजक विभागाध्यक्ष प्रो. मृणाल शर्मा रहीं। मुख्य वक्ता के रूप में बैकुण्ठी देवी कन्या महाविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. सरिता रहीं।
संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दिग्विजय नाथ राय ने किया।
सेमिनार में डॉ. आम्बेडकर के विचारों के विविध पक्षों पर चर्चा करते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया गया।विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला गया कि किस प्रकार डॉ. आम्बेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, विद्वता एवं दूरदृष्टि के बल पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित की और भारतीय संविधान के निर्माण में अप्रतिम योगदान दिया।
कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान विभाग की प्रो. सीमा सिंह, डॉ. एसके पाण्डेय, सुरेन्द्रपाल सिंह एवं विकास कुमार के अतिरिक्त शोध छात्रगण, स्नातक एवं परास्नातक के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सामाजिक न्याय की प्राप्ति में डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका पर चर्चा
'हमारा संविधान हमारा अभिमान' पखवाड़े के तहत आगरा कॉलेज, आगरा में हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में विधि संकाय द्वारा भी 'भारत में समता एवं सामाजिक न्याय की प्राप्ति में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की भूमिका' विषयक एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सी. के. गौतम द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। सभी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
सेमिनार में विधि विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ सहभागिता की। कुल 35 छात्र-छात्राओं ने डॉ. आंबेडकर द्वारा समता एवं सामाजिक न्याय की स्थापना हेतु किए गए प्रयासों तथा उनके विधिक पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने संविधान में निहित समानता के अधिकार, आरक्षण नीति, सामाजिक न्याय संबंधी विधिक प्रावधानों तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इनकी प्रासंगिकता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।
सेमिनार में विधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डी. सी. मिश्रा, प्रोफेसर एम. एम. खान, प्रोफेसर शितिकंठ दुबे, प्रोफेसर उमेश कुमार, प्रोफेसर एस. एन. जैसल, प्रोफेसर राकेश कुमार, प्रोफेसर अमरनाथ, प्रोफेसर सुधेन्द्रनाथ, प्रोफेसर मनीष शंकर तिवारी, प्रोफेसर रीता निगम, प्रोफेसर रिजु निगम, प्रोफेसर संजीव शर्मा, डॉ. गौरव कौशिक, डॉ. शिववीर सिंह यादव, डॉ. फिरोज अंसारी, डॉ. निधि शर्मा, डॉ. अर्चना यादव तथा डॉ. अजहर अली खान सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे।