ईडी का बड़ा प्रहार: अल फलाह यूनिवर्सिटी की 140 करोड़ की संपत्तियां कुर्क, चेयरमैन पर भी कसा शिकंजा

हरियाणा स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा एक्शन लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में करीब 140 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। साथ ही अल फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उससे जुड़े ट्रस्ट के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। यह कार्रवाई न सिर्फ शिक्षा के नाम पर कथित धोखाधड़ी को उजागर करती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों से भी इस संस्थान के तार जोड़ती है।

Jan 16, 2026 - 21:50
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ईडी का बड़ा प्रहार: अल फलाह यूनिवर्सिटी की 140 करोड़ की संपत्तियां कुर्क, चेयरमैन पर भी कसा शिकंजा

पीएमएलए के तहत 54 एकड़ जमीन और भवन जब्त

ईडी अधिकारियों के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी अंतरिम आदेश के आधार पर फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की 54 एकड़ भूमि, विश्वविद्यालय की मुख्य इमारतें, विभिन्न स्कूलों व विभागों के भवन तथा छात्रावासों को कुर्क किया गया है।

ईडी का कहना है कि यह संपत्तियां ‘अपराध से अर्जित धन’ से बनाई गई थीं और इन्हें बेचने या स्थानांतरित किए जाने से रोकने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी।

छात्रों से धोखाधड़ी और फर्जी मान्यता का आरोप

जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने नवंबर में गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि सिद्दीकी के निर्देश पर अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता के पढ़ाई कराने का दावा किया और इस आधार पर बड़ी संख्या में छात्रों का दाखिला लिया।

ईडी के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों से कम से कम 415.10 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई।

अदालत में आरोपपत्र दाखिल, मुकदमे की मांग

ईडी ने पीएमएलए की विशेष अदालत में जवाद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह ट्रस्ट के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। दोनों को आरोपी बनाकर अदालत में पेश किया गया है और ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है।

छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए रिसीवर की व्यवस्था

ईडी अधिकारियों ने बताया कि अस्थायी कुर्की की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार द्वारा नियुक्त ‘रिसीवर’ को विश्वविद्यालय परिसर का प्रशासन सौंपा जा सकता है। इसका उद्देश्य यह है कि आपराधिक जांच और कानूनी कार्यवाही के बावजूद छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।

लाल किला कार बम विस्फोट से जुड़े तार

अल फलाह विश्वविद्यालय उस समय सुर्खियों में आया, जब राष्ट्रीय राजधानी में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट के बाद जांच एजेंसियों ने इसकी कड़ियां एक तथाकथित ‘सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल’ से जोड़ीं।

इस मामले में एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन डॉक्टरों सहित कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। अल फलाह मेडिकल कॉलेज से जुड़े डॉक्टर उमर उन नबी पर आरोप है कि उसने विस्फोटकों से भरी कार में धमाका किया, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी।

ईडी का कहना है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अर्जित संपत्तियों को सुरक्षित रखने और कानून के शिकंजे से बचने के प्रयासों को नाकाम करने के लिए की गई है।

SP_Singh AURGURU Editor