नेत्रदान बनी अमर याद: मुन्नी देवी अग्रवाल के निधन के बाद दो नेत्रहीनों को मिलेगा नया उजाला

आगरा। मरकर भी किसी की आंखों में उजाला बन सकें, इससे बड़ा कोई दान नहीं। प्रताप नगर, आगरा निवासी 75 वर्षीय श्रीमती मुन्नी देवी अग्रवाल के सोमवार को निधन के बाद उनके परिजनों ने नेक निर्णय लेते हुए नेत्रदान कर दो लोगों की दुनिया रोशन करने का पुण्य कार्य किया है।

Jun 23, 2025 - 19:59
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नेत्रदान बनी अमर याद: मुन्नी देवी अग्रवाल के निधन के बाद दो नेत्रहीनों को मिलेगा नया उजाला
श्रीमती मुन्नी देवी अग्रवाल, जिनके नेत्रों से दो नेत्रहीनों को मिलेगा नया उजाला।  

श्रीमती मुन्नी देवी अग्रवाल भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके जाने के बाद भी उनका जीवन दो अन्य लोगों की आंखों की रोशनी बनकर जीवित रहेगा। परिजनों ने उनके नेत्रदान का संकल्प लेकर एक प्रेरणादायक कार्य किया।

श्रीमती मुन्नी देवी के पुत्र दीपक अग्रवाल ने हेल्प आगरा के जनसंपर्क अधिकारी जगवीर सिंह से संपर्क कर नेत्रदान की इच्छा जताई। सूचना मिलते ही एसएन मेडिकल कॉलेज की नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. स्निग्धा जैन और नेत्र बैंक प्रभारी डॉ. शेफाली मजूमदार के निर्देशन में शोक परामर्शदाता दीपक शर्मा और उनकी टीम ने समय पर नेत्र सुरक्षित करने की पूरी प्रक्रिया पूरी कराई।

SP_Singh AURGURU Editor