नवजातों को मां के साथ इलाज की सुविधा, एसएन में प्रदेश की पहली यूनिट, शिशु के स्वास्थ्य में होगा तेज सुधार
आगरा। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपनी तरह की पहली यूनिट- मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट अब आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में शुरू हो गई है। यहां बीमार नवजातों का इलाज अब उनकी मां के साथ रहते हुए किया जाएगा, जिससे न केवल शिशु को मनोवैज्ञानिक सहारा मिलेगा, बल्कि उनके स्वस्थ होने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाएगी।
एमसीएच ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर बना विशेष केंद्र
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के सहयोग से यह यूनिट एमसीएच ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर स्थापित की गई है। इस यूनिट की क्षमता 20 बिस्तरों की है, जहां शिशु और मां दोनों के लिए एक साथ रहने, देखभाल और इलाज की सुविधा है। यह यूनिट पूरी तरह वातानुकूलित (एयर कंडीशन्ड) है और यहां मां की शिक्षा और मनोरंजन के लिए टीवी की भी व्यवस्था की गई है।
क्यों है यह यूनिट विशेष?
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि कई बार ऐसे नवजात होते हैं जिन्हें गहन चिकित्सा (आईसीयू) की जरूरत नहीं होती, लेकिन फिर भी उन्हें अस्पताल में रखना आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में यदि मां के साथ नवजात का इलाज किया जाए, तो वह तेजी से ठीक होता है। मां की उपस्थिति बच्चे के लिए एक दवा की तरह होती है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस यूनिट में वार्मर, फोटोथेरेपी यूनिट, समुचित पोषण और निरंतर देखरेख की व्यवस्था है। यहां शिशु को मां का दूध और सानिध्य दोनों एक साथ मिलते हैं, जो उसकी प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
प्रदेश में पहली यूनिट, अन्य के लिए भी बनेगी प्रेरणा
यह यूनिट न केवल आगरा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक नजीर साबित होगी। आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी लागू किया जा सकता है। एसएन मेडिकल कॉलेज की यह पहल नवजात मृत्यु दर को कम करने और सुलभ व सजीव इलाज की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।