मनौना धाम पर श्रद्धा सबसे बड़ी औषधि, यहां पाखंड नहीं होता- महंत ओमेंद्र महाराज
- आरके सिंह- बरेली। गणेश चतुर्थी के अवसर पर बरेली पहुंचे मनौना धाम के महंत ओमेंद्र महाराज ने कहा कि मनौना धाम पर कोई चमत्कार नहीं होता, बल्कि श्रद्धा का भाव ही सबसे बड़ी औषधि है। जो भी श्रद्धा से धाम पर आता है, वह जटिल रोगों से मुक्ति पाता है।
महंत ओमेंद्र महाराज ने बताया कि मनौना धाम ऋषि-मुनियों की तपोभूमि है और यहां खाटू श्याम का दरबार जाग्रत है। उन्होंने कहा कि धाम पर न तंत्र-मंत्र है, न आडंबर और न कोई शुल्क लिया जाता है। श्रद्धालुओं से एक रूपया तक नहीं लिया जाता, न कोई अनुष्ठान कराया जाता है और न उपाय बताए जाते हैं। यही कारण है कि लोग यहां श्रद्धालु भाव से आते हैं और लाभ पाते हैं।
महंत ने कहा कि सूर्य निःशुल्क प्रकाश देता है, ऑक्सीजन हमें मुफ्त मिलती है, तो कृपा को कैसे बेचा जा सकता है? आज बहुत से लोग धर्म और कृपा को बेच रहे हैं, पर मनौना धाम जीरो बैलेंस का धाम है। उन्होंने बताया कि धाम पर रोज़ 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते हैं, जिनमें कैंसर, गंभीर बीमारियों और वेंटिलेटर पर तक पहुंचे मरीज भी शामिल होते हैं।
धाम में सौ बीघा भूमि पर निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 35 लाख रुपये की लागत से हाई-टेक पुलिस चौकी भी बनवाई गई है। इसके अलावा फाइव-स्टार धर्मशाला का निर्माण चल रहा है ताकि श्रद्धालुओं की जेब न कटे। महंत जी ने बताया कि जहां अन्य धार्मिक स्थलों पर बिजली फ्री है, वहीं धाम हर माह साढ़े 6 लाख रुपये का बिजली बिल समय से अदा करता है।
महंत ओमेंद्र महाराज ने कहा कि उन्हें गर्व नहीं, बल्कि विश्वास है कि यह सब उनके पितरों और प्रभु की कृपा से संभव है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस दिन कृपा को बेचना शुरू कर देंगे, सब कुछ नष्ट हो जाएगा।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर पशुपति विहार कॉलोनी स्थित रेनू सिंह के आवास पर महंत जी का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर रूहेलखंड विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी सुधांशु शर्मा, अनुज लाल, विजय लाल, शिव प्रताप सिंह यादव, श्याम वीर सिंह, निखिल प्रताप सिंह, प्रशांत सिंह सोलंकी, गरिमा शर्मा, नमिता सिंह सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।