दक्षिण भारत से यूपी तक फैला ‘फेक मेडिसिन माफिया नेटवर्क’ बेनक़ाब, पुडुचेरी से लखनऊ तक पुलिस–एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई

नई दिल्ली । पुडुचेरी में नकली दवाओं के हाई-टेक निर्माण गिरोह पर की गई कार्रवाई ने पूरे देश के ड्रग नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। वहीं दूसरी ओर यूपी एसटीएफ ने 100 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित कोडीन सिरप सिंडिकेट पर बड़ी चोट की है। दोनों मामलों की जांच ने यह संकेत दिया है कि यह केवल स्थानीय नहीं बल्कि दक्षिण भारत से लेकर दिल्ली, आगरा और यूपी, नेपाल, बांग्लादेश तक फैला विशाल ड्रग नेटवर्क है।

Nov 27, 2025 - 21:10
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दक्षिण भारत से यूपी तक फैला ‘फेक मेडिसिन माफिया नेटवर्क’ बेनक़ाब, पुडुचेरी से लखनऊ तक पुलिस–एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई
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नई दिल्ली । पुडुचेरी में नकली दवाओं के हाई-टेक निर्माण गिरोह पर की गई  कार्रवाई ने पूरे देश के ड्रग नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। वहीं दूसरी ओर यूपी एसटीएफ ने 100 करोड़ रुपये के प्रतिबंधित कोडीन सिरप सिंडिकेट पर बड़ी चोट की है। दोनों मामलों की जांच ने यह संकेत दिया है कि यह केवल स्थानीय नहीं बल्कि दक्षिण भारत से लेकर दिल्ली, आगरा और यूपी, नेपाल, बांग्लादेश तक फैला विशाल ड्रग नेटवर्क है।

पुडुचेरी में 20 करोड़ की नकली दवा फैक्ट्री ज़ब्त, राजा गैंग पर बड़ी कार्रवाई

पुडुचेरी पुलिस और ड्रग्स विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर पहली बार एक हाई-टेक फर्जी दवा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने करीब 5 करोड़ रुपये की अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को सील कर दिया गया है। टीम ने वहां  से हाई-टेक होलोग्राम प्रिंटिंग प्रेस और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट पैकेजिंग यूनिट बरामद की है। पूरा सेटअप लगभग 20 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है। इसमें कई नामी फार्मा कंपनियों की नकली दवाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण होता था। यह कार्रवाई सन फार्मा केस की जांच से शुरू हुई, जिसने दक्षिण भारत के सबसे बड़े फर्जी दवा नेटवर्क को उजागर कर दिया। इधर लखनऊ में राजा गैंग के दो मुख्य आरोपी जेल में हैं, जबकि पूरे नेटवर्क के कड़ियों की जांच जारी है।

दिल्ली–आगरा लिंक भी सामने आया

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली क्राइम ब्रांच और आगरा पुलिस की टीमें भी पुडुचेरी पहुंच चुकी हैं। इधर गिरफ्तार राणा और फरार आरोपी मययप्पन दोनों दिल्ली और आगरा के मामलों में भी वांछित हैं।

यूपी एसटीएफ का बड़ा ऑपरेशन

यूपी एसटीएफ ने प्रतिबंधित सिरप सिंडिकेट के अहम सदस्य अमित सिंह उर्फ टाटा को हिरासत में लिया है। अमित सिंह कुख्यात ड्रग किंगपिन शुभम जायसवाल का पार्टनर बताया जा रहा है।

झारखंड की फर्जी फर्म थी सप्लाई का मुख्य कवर

झारखंड की नकली मेडिसिन फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अवैध सप्लाई की जा रही थी। इनका यूपी-बिहार के अलावा नेपाल और बांग्लादेश तक नेटवर्क फैला हुआ है। 

परिवार भी जांच के घेरे में

अमित के पिता अशोक सिंह और उनकी फर्म पर भी एफआईआर दर्ज है। एसटीएफ अब जांच कर रही है। क्या पूरा परिवार सिंडिकेट में शामिल था? लाखों–करोड़ों के ट्रांजैक्शन कौन देखता था? नेटवर्क में जुड़े आगरा और दिल्ली के ड्रग माफिया कौन-कौन थे?

इन ड्रग माफियाओं से कनेक्शन की जांच

देवेन्द्र आहूजा उर्फ चिंटू, सौरभ त्यागी, निलेश गुप्ता, विशाल राणा, विभोर राणा, बाला मिलिंद यादव, लल्ली पाठक, तिलकधारी आगरा सहित कई नाम एसटीएफ की रडार पर हैं।

दोनों केस एक बड़े अखिल–भारतीय सिंडिकेट की ओर संकेत

पुडुचेरी, दिल्ली, आगरा, लखनऊ, नेपाल, बांग्लादेश तक फैले इस नेटवर्क में संभवतः एक ही गैंग या जुड़े हुए कई रैकेट सक्रिय हैं।

दोनों मामलों की कॉमन कड़ियां 

फर्जी दवा निर्माण, हाई-टेक पैकेजिंग तकनीक, अंतर-राज्यीय सप्लाई चेन, दिल्ली–आगरा के आरोपी, अवैध फार्मा फर्मों का उपयोग, करोड़ों में लेनदेन, अंतरराष्ट्रीय रूट का इस्तेमाल। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम बेनक़ाब हो सकते हैं।