बरेली में महिला लेखपाल रहस्यमय ढंग से लापता, घंटों बाद मिली बेहोश, गले पर मिले निशान, युवक हिरासत में
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में फरीदपुर तहसील में तैनात महिला लेखपाल की रहस्यमयी ढंग से गायब होने की घटना ने पूरे प्रशासनिक महकमे और परिजनों में खलबली मचा दी। गुरुवार सुबह घर से ड्यूटी के लिए निकलीं लेखपाल कई घंटे तक लापता रहीं, जिसके बाद वे नवाबगंज क्षेत्र में बेहोशी की हालत में मिलीं। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आखिरी कॉल पर चीख की आवाज, फिर फोन बंद
जानकारी के अनुसार, महिला लेखपाल सुबह करीब 10 बजे सुरेश शर्मा नगर स्थित अपने घर से तहसील जाने के लिए निकली थीं। रास्ते में उनकी सहकर्मी रिंकू से फोन पर बातचीत चल रही थी। उसी दौरान फोन पर अचानक एक तेज चीख सुनाई दी और फिर कॉल कट गया। इसके बाद फोन बार-बार मिलाने पर भी रिसीव नहीं हुआ।
घबराए सहकर्मियों और परिजनों ने फरीदपुर कोतवाली पहुंचकर तहसीलदार सुरभि राव और पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। फोन पर सुनी गई चीख और संपर्क टूटने की घटना को गंभीर मानते हुए पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की।
युवक ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के कुछ घंटों बाद महिला लेखपाल नवाबगंज के एक निजी अस्पताल में बेहोश अवस्था में पाई गईं, जहां उन्हें एक युवक द्वारा एंबुलेंस से लाया गया था।
परिजनों के अनुसार, पुलिस ने दिनेश नामक युवक को हिरासत में लिया है, जो कि कुकड़ीखेड़ा (पीलीभीत) का निवासी है। मृतका के पति सर्वेश गंगवार ने आरोप लगाया कि दिनेश पूर्व में उनकी पत्नी की जान-पहचान में था और वह फोन पर धमकियां देता था। कई बार धोखे से रुपये भी वसूल चुका है।
गले पर दबाव के निशान, हत्या की कोशिश
पति सर्वेश का दावा है कि उनकी पत्नी के गले पर चोट के निशान हैं, जो गला घोंटने की कोशिश का संकेत देते हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सच्चाई महिला लेखपाल के होश में आने के बाद ही सामने आ पाएगी।
अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने पुष्टि की है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है, और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की जांच तेज, परिजन और प्रशासन स्तब्ध
लेखपालों के संगठन, तहसील स्टाफ और परिजन इस रहस्यमयी लापता घटना और संदिग्ध हालात से हैरान हैं। पुलिस ने संभावित किडनैपिंग, धमकी और उत्पीड़न को केंद्र में रखकर जांच शुरू कर दी है।