फ्लॉप पारी, फिर भी कीर्तिमान: भारतीय सरजमीं पर 100 वनडे खेलने वाले छठे खिलाड़ी बने रोहित शर्मा, तीसरे वनडे में कीवियों ने जमकर रन बरसाए, भारत को मिला है 338 रनों का लक्ष्य
इंदौर। रन भले ही बल्ले से नहीं निकले, लेकिन इतिहास की किताब में नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के लिए यह दिन निजी उपलब्धि के लिहाज से बेहद खास बन गया। इस मैच के साथ ही रोहित शर्मा ने भारतीय सरजमीं पर अपने 100 वनडे मुकाबले पूरे कर लिए और वे ऐसा करने वाले छठे भारतीय खिलाड़ी बन गए।
भारतीय धरती पर 100 वनडे: रोहित का स्वर्णिम अध्याय
रोहित शर्मा का घरेलू वनडे करियर शानदार आंकड़ों से भरा रहा है। भारत में खेले गए 100 वनडे मुकाबलों की 99 पारियों में उन्होंने 55.75 की औसत से 5074 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 24 अर्धशतक निकले, जो उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में असरदार प्रदर्शन का प्रमाण है। यह उपलब्धि रोहित को भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों की कतार में खड़ा करती है।
100वें मैच में नहीं चला ‘हिटमैन’ का बल्ला
हालांकि, इस ऐतिहासिक मुकाबले में रोहित शर्मा अपनी उपलब्धि को बड़ी पारी से यादगार नहीं बना सके। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में वे सिर्फ 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। मौजूदा सीरीज में उनका बल्ला अपेक्षित लय में नजर नहीं आया, लेकिन आंकड़े गवाही देते हैं कि रोहित का एक दिन ही मैच का रुख बदलने के लिए काफी होता है।
इंदौर में कीवी बल्लेबाजों का कहर
मैच की बात करें तो न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और भारतीय गेंदबाजों पर जमकर रन बरसाए। कीवी टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 337 रन ठोक दिए। यह स्कोर भारत की धरती पर न्यूजीलैंड की मजबूत बल्लेबाजी का परिचायक रहा और टीम इंडिया के सामने जीत के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर गया है।
अब जिम्मेदारी भारतीय बल्लेबाजों पर
337 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर भारी दबाव रहेगा। रोहित शर्मा भले ही जल्दी आउट हो गए हों, लेकिन टीम इंडिया को उनसे नेतृत्व और अनुभव की कमी नहीं खलेगी। निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करना ही भारत का अगला लक्ष्य होगा।
इतिहास बना, यादगार जीत बाकी
रोहित शर्मा के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत कीर्तिमान के लिहाज से अविस्मरणीय रहेगा, भले ही बल्ले से रन न निकले हों। क्रिकेट में हर दिन नया होता है, और ‘हिटमैन’ से जुड़ी उम्मीदें अब भी बरकरार हैं।