बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन, लंबे समय से थीं बीमार

ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। वो लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं और डॉक्टरों ने बताया था कि उनकी स्थिति काफी नाजुक है। बेगम खालिदा जिया बांग्लादेश की प्रमुख राजनेता और देश की पूर्व प्रधानमंत्री थीं। उनका जन्म 15 अगस्त 1945 को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के दीनाजपुर जिले में हुआ था। वे बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की पत्नी थीं, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। उसके बाद खालिदा जिया सक्रिय राजनीति में आईं। पति की मौत के बाद उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का नेतृत्व संभाला और जल्द ही देश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों में गिनी जाने लगीं।

Dec 30, 2025 - 07:30
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन, लंबे समय से थीं बीमार


खालिदा जिया तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं। वो पहली बार 1991 से 1996 तक, फिर 2001 से 2006 तक देश की प्रधानमंत्री रहीं। खालिदा जिया का निधन उस वक्त हुआ है, जब बांग्लादेश राजनीतिक उथल पुथल से जूझ रहा है। देश में फरवरी में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें भाग लेने के लिए उनके बेटे तारिक रहमान, करीब 17 सालों के बाद देश लौट चुके हैं। खालिदा जिया लगातार बीमार चल रही थीं और शेख हसीना के शासन के दौरान उन्हें कई सालों से नजरबंद रखा गया था।  
 
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने खालिदा जिया की निधन की जानकारी दी है। उनके डॉक्टरों का कहना था कि वह उम्र से जुड़ी कई बीमारियों से पीड़ित थीं, जिनमें लिवर का एडवांस सिरोसिस, गठिया, डायबिटीज और सीने और दिल से जुड़ी दिक्कतें शामिल थीं। उनका 23 नवंबर से ढाका के एवरकेयर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था और 11 दिसंबर को उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। दो दिन पहले उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने उनकी हालत का 'बेहद नाजुक' बताया था। एक फेसबुक पोस्ट में बीएनपी ने बताया है कि डॉक्टरों ने आज सुबह करीब 6 बजे पूर्व प्रधानमंत्री को मृत घोषित कर दिया। बीएनपी के पोस्ट में कहा गया है कि "सोमवार देर रात से उनकी हालत बिगड़ गई थी। आगे के इलाज के लिए उन्हें लंदन ले जाने के लिए कतर से एक स्पेशल विमान स्टैंडबाय पर रखा गया था, लेकिन मेडिकल बोर्ड ने उन्हें एवरकेयर हॉस्पिटल से ढाका एयरपोर्ट ले जाने की इजाजत नहीं दी।"

खालिदा जिया का राजनीतिक जीवन विवादों और संघर्षों से भरा रहा। उनका सबसे बड़ा राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता शेख हसीना के साथ रही, जिसे बांग्लादेश की राजनीति की सबसे कड़वी प्रतिद्वंद्विताओं में माना जाता है। उनके कार्यकाल में आर्थिक सुधार, निजीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया, लेकिन साथ ही भ्रष्टाचार, उग्रवाद और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर उनकी सरकार पर आरोप भी लगे। शेख हसीना के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें सजा भी सुनाई गई थी, जिसे बीएनपी ने बदले की कार्रवाई बताया था।