पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन: कांग्रेस की दिग्गज विरासत का एक शांत अध्याय बंद

लातूर/नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे महाराष्ट्र के लातूर स्थित उनके आवास देवघर में 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पिछले कुछ समय से वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और परिवार की देखरेख में घर पर ही उपचार जारी था। उनके निधन से भारतीय राजनीति के एक सधे, शांत और संयत दौर का अंत हो गया।

Dec 12, 2025 - 12:02
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पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन: कांग्रेस की दिग्गज विरासत का एक शांत अध्याय बंद

शिवराज पाटिल देश की राजनीति में अपने शालीन, संतुलित और मर्यादित व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। वह सात बार लोकसभा के लिए चुने गए और लंबे समय तक मराठवाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस का विश्वसनीय चेहरा बने रहे। 1991 में वे 10वें लोकसभा अध्यक्ष बने, जहां उनकी संयमित शैली और पार्लियामेंटरी परंपराओं के प्रति सम्मान की व्यापक प्रशंसा होती रही।

2004 में मनमोहन सिंह सरकार में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया। उनका कार्यकाल 2008 के मुंबई 26/11 आतंकी हमलों के बाद अचानक राजनीतिक तूफ़ान में घिर गया। हमलों के बाद उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया और यह कदम उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी बहसों में से एक बन गया।

केंद्र की राजनीति से हटने के बाद भी उनकी जिम्मेदारियां समाप्त नहीं हुईं। उन्हें पंजाब का राज्यपाल और चंडीगढ़ का प्रशासक बनाया गया, जहां उन्होंने 2010 से 2015 तक शांत और प्रशासकीय रूप से स्थिर कार्यकाल पूरा किया।
व्यक्तिगत जीवन में वे विनम्र और संतुलित स्वभाव के थे। परिवार में उनके बेटे शैलेश, बहू अर्चना और दो पोतियां हैं। उनकी बहू अर्चना भाजपा से जुड़ी हुई हैं।

उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, नेता विपक्ष राहुल गांधी और विभिन्न राजनीतिक दलों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। परिवार ने संकेत दिया है कि अंतिम संस्कार शनिवार को किया जा सकता है; आधिकारिक समय की घोषणा जल्द होगी।

SP_Singh AURGURU Editor