गौतम गंभीर की कोचिंग पर संकट, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होगी अग्निपरीक्षा

नई दिल्ली। राहुल द्रविड़ के बाद बड़ी उम्मीदों के साथ टीम इंडिया की कमान संभालने वाले गौतम गंभीर इस समय कड़ी आलोचनाओं के घेरे में हैं। उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने कुछ ऐसे परिणाम झेले हैं, जिनकी कल्पना फैंस ने नहीं की थी। न्यूजीलैंड के हाथों घरेलू मैदान पर टेस्ट सीरीज में मिली क्लीन स्वीप और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 408 रनों की ऐतिहासिक हार ने उनके कोचिंग के तरीके और रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया के प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। न्यूजीलैंड से टेस्ट क्लीन स्वीप और दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद, मनोज तिवारी ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में विफलता पर कड़े फैसले की चेतावनी दी है।

Jan 28, 2026 - 00:02
Jan 28, 2026 - 00:03
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गौतम गंभीर की कोचिंग पर संकट, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होगी अग्निपरीक्षा

गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन काफी गिरा है और जीत का प्रतिशत महज 36% रह गया है। उनके नेतृत्व में न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में व्हाइटवॉश किया, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 10 साल बाद घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाना और वनडे क्रिकेट में श्रीलंका व न्यूजीलैंड जैसी टीमों से द्विपक्षीय सीरीज हारना बीसीसीआई के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है।

पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनोज तिवारी ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि बीसीसीआई फिलहाल टी20 वर्ल्ड कप 2026 के नतीजों का इंतजार कर रही है। तिवारी का मानना है कि यदि गंभीर वर्ल्ड कप जीतने में नाकाम रहते हैं, तो बोर्ड को कड़ा फैसला लेना ही चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि भले ही बीसीसीआई सचिव ने अनुबंध पूरा करने की बात कही हो, लेकिन बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में विफलता के बाद नेतृत्व में बदलाव अपरिहार्य हो जाता है, क्योंकि टीम की साख दांव पर होती है।

मनोज तिवारी ने सुझाव दिया है कि यदि गंभीर को पद से हटाया जाता है, तो वीवीएस लक्ष्मण इस जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प होंगे। लक्ष्मण का शांत और संयमित व्यक्तित्व राहुल द्रविड़ की कार्यशैली से मेल खाता है, जो ड्रेसिंग रूम के माहौल को संतुलित रखने के लिए आवश्यक है। इसके अलावा राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख के तौर पर उनका सफल कार्यकाल और हेड कोच के रूप में उनका प्रभावशाली जीत प्रतिशत उन्हें इस पद का सबसे स्वाभाविक दावेदार बनाता है।

भारतीय टीम का टी20 फॉर्मेट में प्रदर्शन फिलहाल स्थिर और सकारात्मक बना हुआ है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम से 9 मार्च को विश्व खिताब जीतने की प्रबल उम्मीदें जुड़ी हैं। यह टूर्नामेंट न केवल टीम इंडिया के लिए अपना गौरव वापस पाने का मौका है, बल्कि यह गौतम गंभीर के कोचिंग करियर की दिशा भी तय करेगा। अब सबकी नजरें बीसीसीआई के अगले कदम और आगामी वर्ल्ड कप के परिणामों पर टिकी हैं।