जीएलए विश्वविद्यालय का 14वां दीक्षांत उन्मेष : 5548 उपाधियां, 21 गोल्ड और 21 सिल्वर मेडल प्रदान किए गये, पद्मश्री प्रो. एचसी वर्मा व शिवम पुरी को डॊक्टरेट की मानद उपाधियां, मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री पंकज चौधरी बोले- कर्तव्य पालन सर्वोच्च धर्म  

मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के 14वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को 5548 उपाधियां, 21 गोल्ड और 21 सिल्वर मेडल, साथ ही 24 मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। साथ ही दो प्रतिष्ठित हस्तियों  पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा और शिवम पुरी, एमडी एवं सीईओ, सिप्ला हेल्थ लिमिटेड को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की गई। समारोह के मुख्य अतिथि केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत नवाचार के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है और युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। गीता के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कर्तव्य पालन को सर्वोच्च धर्म बताया।

Dec 3, 2025 - 19:48
Dec 3, 2025 - 19:53
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जीएलए विश्वविद्यालय का 14वां दीक्षांत उन्मेष : 5548 उपाधियां, 21 गोल्ड और 21 सिल्वर मेडल प्रदान किए गये, पद्मश्री प्रो. एचसी वर्मा व शिवम पुरी को डॊक्टरेट की मानद उपाधियां, मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री पंकज चौधरी बोले- कर्तव्य पालन सर्वोच्च धर्म   
जीएलए विश्वविद्यालय मथुरा के चतुर्दश दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ करते मुख्य अतिथि केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल एवं अन्य अतिथि।

दीक्षांत समारोह में मंच पर मौजूद गणमान्य अतिथिगण।

दीप प्रज्ज्वलन और शैक्षिक शोभायात्रा के साथ हुआ शुभारंभ

दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ मुख्य अतिथि केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि पद्मश्री प्रो. एच.सी. वर्मा, सिप्ला हेल्थ लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ शिवम पुरी तथा कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इससे पूर्व शैक्षिक शोभायात्रा के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नीरज अग्रवाल, चीफ फाइनेंस ऑफिसर विवेक अग्रवाल, जीएलए के सीओई डा. अतुल बंसल, डीन एकेडमिक प्रो. अशीष शर्मा, गवर्निंग बॉडी के सदस्य राजेश गर्ग, कार्य परिषद के सदस्य नरेन्द्र अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष सहित आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इससे पूर्व विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने सभी का स्वागत किया। आईक्यूएसी के निदेशक डा. विशाल गोयल ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि का परिचय प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथियों ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय में आना मेरे लिए आनंद का विषय है। मैं यहां खुद को नई ऊर्जा से ओत-प्रोत का अनुभव कर रहा हूं। इन युवा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच उनके उत्साह को देखकर मुझे पूर्व के अनुभव की स्मृति हो रही है कि जब मैं इन्हीं भावनाओं के समुद्र से गुजरा था। इसलिए मैं आप सभी की भावनाओं को समझ रहा हूं। उन पुरानी स्मृतियों को दोबारा याद कराने के लिए मैं जीएलए विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत नवाचार के स्वर्णिम युग में- पंकज चौधरी

मुख्य अतिथि पंकज चौधरी ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और आने वाली पीढ़ी देश को नई बुलंदियों तक पहुंचाएगी। उन्होंने गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब जीवन में संशय हो, तब कर्तव्य का पालन ही मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है। साहस और निष्ठा से आगे बढ़ने पर सफलता स्वयं मार्ग बना लेती है।

मंत्री ने आगे कहा कि भारत अब डिजिटल नेतृत्व की राह पर अग्रसर है। आज देश में 1.6 लाख से अधिक स्टार्टअप्स सक्रिय हैं। 5G और भविष्य की 6G तकनीक का स्वदेशी विकास भारत की तकनीकी स्वतंत्रता का प्रमाण है। मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया तथा स्किल इंडिया 2.0 ने लाखों युवाओं को अवसर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अवसरों की कोई कमी नहीं, यदि आपके पास आइडिया, कौशल और मेहनत की इच्छा है, तो भविष्य आपके लिए खुला है।

युवा शक्ति को मिला उत्साह : सीखते रहने की प्रेरणा

वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि बदलती दुनिया में वही सफल होता है जो सीखना कभी नहीं छोड़ता। कठिन परिस्थितियाँ चरित्र निर्माण करती हैं और जीवन की चुनौतियां ही सफलता के नए द्वार खोलती हैं।

उन्होंने गुरुकुल परंपरा के 'समावर्तन संस्कार' का उल्लेख करते हुए कहा कि दीक्षांत दिवस समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।

अंत में उन्होंने गीता का संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य अपने विश्वास से निर्मित होता है। जैसा वह विश्वास करता है, वैसा ही वह बन जाता है।

कुलपति का प्रतिवेदन : उच्च शिक्षा में नई उपलब्धियां

कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को NAAC A+ ग्रेड, स्कोर 3.46 प्राप्त हुआ।  वर्ष 2024-25 में 500+ कंपनियों ने 2500+ छात्रों को रोजगार दिया।  शिक्षकों द्वारा 2,452 शोधपत्र प्रतिष्ठित जर्नल्स में प्रकाशित। 1824 पेपर SCI–Scopus में प्रकाशित हुए। 148 पेटेंट प्रकाशित और 20 पेटेंट ग्रांट हुए। R&D प्रोजेक्ट्स के लिए 4 करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत। 23 लाख रुपये के कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट जारी।

5548 छात्रों को उपाधियां, 42 मेडल, 24 मेरिट सर्टिफिकेट

समारोह में विभिन्न संकायों के कुल 5548 विद्यार्थियों को उपाधियां, 21 स्वर्ण पदक, 21 रजत पदक तथा 24 मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। पीएचडी के 69, बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर 71, बीएससी ऑनर्स बायोटेक के 21, बीएससी ऑनर्स कैमिस्ट्री के 19, बीएससी ऑनर्स फिजिक्स के 11, बीए ऑनर्स अंग्रेजी के 23, बीबीए के 215, बीबीए ऑनर्स 147, बीबीए फैमिली बिजनेस 24, बीकॉम ऑनर्स ग्लोबल एकाउंटिंग 10, बीकॉम ऑनर्स 59, बीटेक बायोटेक्नोलॉजी 24, बीटेक सिविल इंजीनियरिंग 39, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 32, इलेक्ट्रॉनिक्स 5, मैकेनिकल इंजीनियरिंग 41, एमई ऑटोमोबाइल एवं मेकाट्रॉनिक्स 2, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजी. 23, ईसी सीएस 34 एवं वीएलएसआई 9, कम्प्यूटर साइंस के 1138, बीटेक ऑनर्स सीएस 28, सीएस एआईएमएल 153, सीएस सीसीवी 25, सीएस डीए 34, सीएस सीएसएफ 24, सीएस आइआइओटी 7, बीसीए 476 एवं ऑनर्स 37, बीफार्म 77, बीएड 20, बीए एलएलबी ऑनर्स 42, बीकॉम एलएलबी ऑनर्स 12, एमएससी एग्रीकल्चर एग्रोनॉमी, एंटोमोलॉजी एवं जीपीबी 3, एमएससी बायोटेक 10, माइक्रो एंड इम्यूनोलॉजी 5, एमएससी कैमिस्ट्री 11, गणित 4, फिजिक्स 3, एमटेक सीई स्ट्रक्चरल एवं ट्रांसपोर्टेशन 4, एमटेक सीएस 7, ईई 2, ईसी 2, एमटेक एमई प्रोडक्शन 3, एमबीए 604, एमबीए-बीए 25, ऑनर्स 30, एफएमबी 33, इंटेग्रेटेड 8, एलएससीएम 27, एमसीए 240, एमफार्म फार्माकोलॉजी एवं फार्मास्युटिक्स 25, एलएलएम बीएफआईएल एवं सीडीपीएल के 14 विद्यार्थियों की उपाधि अनुमोदित की गई है। इसके अलावा डिप्लोमा कैमिकल के 12, डिप्लोमा सिविल इंजी. के 29, डिप्लोमा सीएस के 79, डिप्लोमा ईई 68, डिप्लोमा ईसी के 15, डिप्लोमा एमई के 116, डिप्लोमा इन लाइब्रेरी इंफॉर्मेशन साइंस के 7 तथा डिप्लोमा इन फार्मेसी के 45 विद्यार्थियों को डिप्लोमा सर्टिफिकेट सहित सेंटर ऑफ डिस्टेंस ऑनलाइन एजुकेशन की 1166 डिग्रियां प्रदान की गईं।

अतिथियों का स्मृति चिह्नों के साथ सम्मान और समापन

मुख्य अतिथि वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी को स्मृति चिह्न प्रदान करते कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल।

समारोह में कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्यमंत्री वित्त मंत्रालय पंकज चौधरी को स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि आईआईटी कानपुर भौतिकी विभाग के पूर्व प्रोफेसर पद्मश्री एचसी वर्मा को कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता तथा सिप्ला हेल्थ लि. मुंबई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ शिवम पुरी को कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने स्मृति चिन्ह् भेंट किया। कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कुलाधिपति श्री नारायणदास अग्रवाल को स्मृति चिन्ह् भेंट किया। तत्पश्चात् कुलाधिपति द्वारा दीक्षांत समारोह के सम्पन्न होने की उद्घोषणा की गयी एवं शैक्षिक शोभायात्रा के प्रस्थान से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॊ. विवेक मेहरोत्रा ने किया।

SP_Singh AURGURU Editor