ज्ञानेश्वरी ने भारत की झोली में डाला एक और सिल्वर, भारत की शेरनी ने उठाया 199 किलोग्राम, भारत का 5वां मेडल
ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन जारी है। रविवार को महिला 53 किलोग्राम वर्ग के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। चालू राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का वेटलिफ्टिंग में यह चौथा पदक है जिससे भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में कुल 199 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया।
ग्लास्गो। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टरों का शानदार प्रदर्शन जारी है। रविवार को महिला 53 किलोग्राम वर्ग के रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। चालू राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का वेटलिफ्टिंग में यह चौथा पदक है जिससे भारतीय खेमे में जश्न का माहौल है।
ज्ञानेश्वरी से पहले भी भारतीय भारोत्तोलकों ने पोडियम पर अपनी जगह पक्की की थी। भारत के लिए स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्णिम सफलता हासिल करते हुए गोल्ड मेडल जीता था। वहीं पुरुषों के वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला, जहां ऋषिकांत सिंह (60 किग्रा) और मुथुपंडी राजा (65 किग्रा) ने अपने-अपने वर्गों में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था।
वेटलिफ्टिंग के मुकाबलों में खिलाड़ियों को अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन दो अलग-अलग चरणों स्नैच और क्लीन एंड जर्क में करना होता है। स्नैच में एथलीट बारबेल को चौड़ी ग्रिप से पकड़कर एक ही झटके में सिर के ऊपर उठाता है। वहीं क्लीन एंड जर्क में पहले वजन को छाती तक लाया जाता है और फिर थोड़ा रुककर पूरे जोर के साथ कोहनियों को सीधा करते हुए सिर के ऊपर स्थिर रखा जाता है। रेफरी का बीप बजने तक खिलाड़ी को उस वजन को संभालकर रखना अनिवार्य होता है।
फाइनल मुकाबले के स्नैच राउंड में ज्ञानेश्वरी यादव ने 88 किलोग्राम का सफल लिफ्ट किया। स्नैच राउंड की समाप्ति के बाद प्रतिस्पर्धा काफी दिलचस्प हो गई थी, जहां नाइजीरिया की दीदीह 93 किग्रा के साथ पहले स्थान पर थीं, ज्ञानेश्वरी 88 किग्रा के साथ दूसरे नंबर पर बनी हुई थीं, जबकि कनाडा की ग्रूक्स 83 किग्रा उठाकर तीसरे पायदान पर चल रही थीं।
क्लीन एंड जर्क राउंड में भारतीय लिफ्टर ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 111 किलोग्राम का शानदार लिफ्ट दर्ज किया। हालांकि, स्वर्ण पदक की रेस में आगे चल रही दीदीह ने 113 किग्रा का वजन उठाकर अपनी बढ़त को बरकरार रखा और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। इस तरह ज्ञानेश्वरी यादव को उपविजेता रहते हुए सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, लेकिन उनके इस प्रदर्शन ने भारत के मेडल तालिका को और मजबूती दे दी है।