नेपाल में दूसरे दिन भी भारी हिंसा, राष्ट्रपति, पीएम के घर को जलाया
नेपाल में जेन-ज़ी प्रदर्शनकारी लगातार दूसरे दिन भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर रहे हैं। वे नेपाल के पीएम केपी ओली के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। नेपाल में मीडिया में चर्चा है कि ओली देश छोड़कर भाग भी सकते हैं। इस बीच ओली ने शाम को सभी दलों की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ओली इस्तीफा दे सकते हैं। ओली सरकार के 10 मंत्री अब तक इस्तीफा दे चुके हैं। नेपाल के संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने देर रात घोषणा की कि सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला वापस ले लिया गया है।
काठमांडू। नेपाल में प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति के आवास को आग के हवाले कर दिया है। सोमवार को शुरू हुआ छात्रों का ये प्रदर्शन मंगलवार को पूरे देश में फैल गया है। दूसरी तरफ नेपाल के मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने मंगलवार को कहा है कि प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली इस्तीफा नहीं देंगे। उनका ये बयान उस वक्त आया है जब नेपाल सरकार के 10 से ज्यादा मंत्रियों ने हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए इस्तीफा दे दिया है। हालांकि खबर ये भी है कि नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आपात स्थिति में अपनी जान बचाने के लिए एक निजी एयरलाइन के विमान को स्टैंडबॉय पर तैनात रखा है। दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के अलावा कोई और बात सुनने के लिए तैयार नहीं हैं, जबकि 19 छात्रों की अभी तक मौत हो चुकी है।
नेपाल के आर्मी चीफ ने पीएम केपी ओली से कहा है कि वे इस्तीफा दे दें। आर्मी चीफ ने कहा कि नेपाल में अब हालात को संभालना उनके लिए मुश्किल हो रहो है। सूत्रों ने इसका दावा किया है। इस बीच नेपाल में काठमांडू एयरपोर्ट से सभी उड़ानों को सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया है।
नेपाल में प्रदर्शनकारी अब संसद के अंदर घुसना चाहते हैं। उन्होंने संसद को घेर रखा है। नेपाली सेना उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है। इस बीच काठमांडू के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। काठमांडू के कई होटलों को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया है। इससे नेपाल में जारी संकट और ज्यादा गहराता जा रहा है।
नेपाल के पीएम केपी ओली को बड़ा झटका लगा है। सरकार में शामिल जनमत पार्टी ने देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। पार्टी के चेयरमैन सीके राउत ने इस फैसले का ऐलान किया।
नेपाल में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल नेपाली कांग्रेस ने मांग की है कि पीएम केपी ओली इस्तीफा दे दें। नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा ने संयुक्त रूप से ओली से यह मांग की है। उन्होंने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग की कि सभी नेपाली कांग्रेस के मंत्रियों को वापस बुला लिया जाए।
ओली के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने उनके अवास को जला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने बालकोट स्थित प्रधानमंत्री ओली के आवास में आग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह परिसर में घुसने और घर के कुछ हिस्सों में आग लगाने से पहले, घर में मौजूद सामानों को बाहर निकाल लिया था। आग फैलने पर आवास से धुएं का घना गुबार उठता देखा गया। वहीं, देश के ऊर्जा मंत्री और राष्ट्रपति के घर को भी प्रदर्शनकारियों ने जला दिया है। प्रदर्शनकारियों ने "केपी चोर, देश छोड़" , "भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करो" जैसे नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के आवास को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया है।
इस बीच एनडीटीवी से बात करते हुए नेपाल सरकार के मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने कहा कि "प्रधानमंत्री ओली इस्तीफा नहीं देंगे। विरोध प्रदर्शनों और हिंसा के पीछे राजनीतिक दल हैं। अराजकतावादियों ने विरोध प्रदर्शनों पर कब्जा करने की कोशिश की है, जिसके परिणामस्वरूप हिंसा हुई है। प्रधानमंत्री विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों से मिलेंगे और वे विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वालों से भी मिलने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल मंत्रिमंडल ने हिंसा और हत्याओं की जांच के लिए एक समिति के गठन करने का फैसला लिया है। हालांकि, कई कैबिनेट मंत्रियों ने प्रदर्शनकारियों की शिकायतों के प्रति सरकार की अनदेखी का हवाला देते हुए या तो इस्तीफा दे दिया है या इस्तीफा देने की घोषणा की है। नेपाल मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री सहित 25 मंत्री हैं।