आसिम मुनीर की अगुवाई में हुई हाई लेवल मीटिंग, पाकिस्तान ने दी रॉकेट फोर्स कमांड को मंजूरी

 पाकिस्तान जल्द ही अपनी 'आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड' स्थापित कर सकता है, जिसे आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने मंजूरी दे दी है। यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की लॉन्ग रेंज स्ट्राइक क्षमता बढ़ाने की दिशा में उठाया जा रहा है। यह नई फोर्स आधुनिक तकनीक से लैस होगी और हर दिशा से हमला करने में सक्षम होगी।  

Jan 12, 2026 - 21:20
 0
आसिम मुनीर की अगुवाई में हुई हाई लेवल मीटिंग, पाकिस्तान ने दी रॉकेट फोर्स कमांड को मंजूरी

इसलामाबाद। पाकिस्तान को जल्द ही अपनी ‘आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड’ मिल सकती है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक पिछले महीने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की अगुवाई में हुई हाई लेवल मीटिंग में इसकी मंजूरी दे दी गई है और अब इस पर जल्द ही काम शुरू हो सकता है। इसे टू स्टार या थ्री स्टार ऑफिसर हेड करेंगे। मुनीर ने पाकिस्तान ‘कोर कमांडर कॉन्फ्रेंस’ में इस फोर्स को मंजूरी दी। पाकिस्तान में ‘कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस’ पाकिस्तानी आर्मी के सीनियर अधिकारियों की एक हाईलेवल मीटिंग होती है। भारतीय सेना में भी काफी वक्त से रॉकेट फोर्स बनाने की बात चल रही है लेकिन अभी इस दिशा में काम शुरू नहीं हो पाया है। चीन के पास भी रॉकेट फोर्स है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने शुरू किए हैं। इसी में एक रॉकेट फोर्स का भी गठन है। पिछले साल मई में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक कर उन्हें ध्वस्त किया था। ऑपरेशन सिंदूर और उससे पहले से ही दुनिया भर में अलग अलग जगह चल रहे संघर्षों ने दिखाया कि लॉन्ग रेंज वेपन की अहमियत लगातार बढ़ रही है। ऑपरेशन सिंदूर में भी आमने-सामने की लड़ाई नहीं हुई थी बल्कि लॉन्ग रेंज वेपन का ही इस्तेमाल किया गया था।  
 
भारत ने जब पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया तब पाकिस्तान की डिटरेंस (हमले रोकने) की कमियां दुनिया के सामने आईं। पाकिस्तान अपनी सुरक्षा के लिए न्यूक्लियर थ्रेट का सहारा लेता रहा है लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की इस खोखली धमकियों की भी हवा निकाल दी। खुफिया सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान अब अपनी लॉन्ग रेंज स्ट्राइक की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास संघर्ष ने भी यह साबित किया है कि आधुनिक युद्ध में सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों और ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पिछले साल ही पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नई ऑर्मी रॉकेट फोर्स कमांड के गठन का ऐलान किया था और तब कहा था कि ये नई फोर्स आधुनिक तकनीक से लैस होगी और हर दिशा से हमला करने की क्षमता रखेगा। खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी आर्मी ने अब इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत में अभी न्यूक्लियर वेपन वाली स्ट्रैटजिक कमांड है। भारतीय सेना के पास रॉकेट तो हैं लेकिन कोई कमांड जैसा स्ट्रक्चर नहीं है। सेना की आर्टिलरी के पास ही रॉकेट हैं।