विधायिका व न्यायपालिका को पेंशन तो शिक्षक इससे वंचित क्यों-व्यास
बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चंदेल गुट) के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष और शिक्षक नेता जगदीश प्रसाद व्यास ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब विधायिका और न्यायपालिका को पुरानी पेंशन मिल सकती है, तो कार्यपालिका को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? उन्होंने यह बात बरेली में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कही।
शिक्षक मुद्दों पर व्यास की प्रमुख मांगें
श्री व्यास शिक्षक संघ के 58वें तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने हमीरपुर से आए बरेला आए हुए थे। पत्रकार वार्ता में उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को बिंदुवार रखते हुए कि लोकतंत्र की भावना समता और समानता पर आधारित है, और यह पुरानी पेंशन व्यवस्था (पर भी लागू होनी चाहिए। हजारों शिक्षकों को इस हक से वंचित नहीं किया जा सकता।
तदर्थ शिक्षकों का विनियमितिकरण
प्रदेश के 2238 तदर्थ शिक्षकों को नियमित किए जाने की मांग को उन्होंने प्रमुखता से उठाया। 2303 विषय विशेषज्ञों और लगभग 500 व्यवसायिक शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने की भी मांग भी उन्होंने दोहराई।
चिकित्सीय सुविधा की मांग
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। आज की महंगाई में इलाज कराना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। श्री व्यास ने कहा कि पदोन्नति की प्रक्रिया जुलाई 2024 से लंबित है और इसपर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही शिक्षकों के स्थानांतरण नियमों में सरलीकरण जरूरी है।
सरकार को सौंपा जाएगा मांगपत्र
सम्मेलन के बाद, श्री व्यास ने बताया कि सम्मेलन में निकले निष्कर्षों को एक मांगपत्र के रूप में तैयार कर सरकार को सौंपा जाएगा। यदि सरकार सुनवाई नहीं करती, तो संघर्ष और तेज़ होगा। उन्होंने दोहराया, शिक्षक हितों के लिए संघर्ष ही मेरा नारा है, जो मरते दम तक जारी रहेगा।